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Income Tax: केंद्र सरकार का बड़ा प्लान तैयार! इतने रुपए का गिफ्ट देने पर लगेगा इनकम टैक्स 

Sanjay mehrolliya
April 26, 2025 at 7:49 AM IST · 1 min read

Income Tax: जब कोई हमें जन्मदिन, शादी, सगाई जैसे कई मौकों पर तोहफा देता है तो हमें बहुत खुशी होती है, लेकिन शायद आपको यह जानकारी नहीं है कि कुछ तोहफे टैक्स के दायरे में भी आते हैं। हालांकि, यह इस बात पर निर्भर करता है कि तोहफा किसने दिया है और वह कितना महंगा है। अगर आप दोस्त से महंगा तोहफा ले रहे हैं तो आपको उस पर टैक्स देना पड़ सकता है। यहां जानें तोहफे पर टैक्स को लेकर क्या नियम हैं।

इन लोगों के तोहफों पर लग सकता है टैक्स

अगर आपका दोस्त या परिचित या कोई ऐसा व्यक्ति आपको तोहफा देता है, जिससे आपका कोई खून का रिश्ता नहीं है तो उनके तोहफे टैक्स के दायरे में आते हैं।

इस सीमा को पार करने पर लगेगा टैक्स

हर तोहफे पर टैक्स नहीं लगता। अगर आपका दोस्त या परिचित आपको 50 हजार रुपए से ज्यादा की जमीन या घर, शेयर, ज्वैलरी, पेंटिंग, मूर्ति आदि तोहफे में देता है, जिसकी कीमत 50 हजार रुपए से ज्यादा है तो उसे टैक्सेबल इनकम में गिना जाता है। इनकम टैक्स रिटर्न में इसकी जानकारी देना जरूरी है। टैक्स कैलकुलेशन के बाद अगर टैक्स देनदारी बनती है तो आपको वह टैक्स चुकाना होगा।

उनके गिफ्ट पर कोई टैक्स नहीं लगता

अगर आपके करीबी रिश्तेदार और सगे-संबंधी गिफ्ट देते हैं तो उन पर टैक्स नहीं लगता। पति-पत्नी, भाई-बहन, पति/पत्नी का भाई या बहन, माता/पिता का भाई या बहन यानी बुआ, मामा, मामा, दादा-दादी, पति/पत्नी के दादा-दादी, बेटा या बेटी और भाई/बहन का पति या पत्नी करीबी रिश्तेदारों की सूची में रखे जाते हैं। अगर वे आपको गिफ्ट देते हैं तो वह टैक्स के दायरे में नहीं आता। भले ही उनकी कीमत 50 हजार से ज्यादा क्यों न हो।

टैक्स से जुड़े इन नियमों को भी समझ लें

पति-पत्नी के बीच गिफ्ट ट्रांजेक्शन पर कोई टैक्स नहीं लगता क्योंकि गिफ्ट ट्रांजेक्शन से होने वाली आय इनकम क्लबिंग के दायरे में आती है। प्रॉपर्टी, शेयर, बॉन्ड, कार आदि अगर करीबी रिश्तेदारों से मिले तो टैक्स फ्री होते हैं लेकिन अगर दोस्तों या परिचितों से मिले तो उन पर टैक्स लगता है।

परिवार से प्राप्त संपत्ति पर कर नियम

करीबी रिश्तेदारों से प्राप्त संपत्ति पर कोई कर देयता नहीं है, लेकिन उस संपत्ति को बेचने पर कर का भुगतान करना पड़ता है। वसीयत के माध्यम से प्राप्त संपत्ति पर कोई कर नहीं है, लेकिन इस संपत्ति को बेचने पर कर का भुगतान करना पड़ता है।

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