पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय एथेनॉल को रसोई गैस के साथ एक ऑप्शनल कुकिंग फ्यूल के तौर पर इस्तेमाल करने की नई नीति तैयार कर रहा है । इसका मकसद घरों में खाना बनाने के लिए लोगों को एक और ईंधन का विकल्प देना है। हालांकि, एथेनॉल एलपीजी की जगह पूरी तरह नहीं लेगा – शुरुआत में इसे एक अतिरिक्त विकल्प के रूप में पेश किया जाएगा ।
इससे एलपीजी की कीमतों पर भी असर पड़ने की उम्मीद है और एथेनॉल ब्लेंडेड एलपीजी से भारत की आयातित ईंधन पर निर्भरता कम हो सकती है । गन्ना और अन्य फसलों से बनने वाले एथेनॉल की मांग बढ़ने से किसानों और एथेनॉल उद्योग को भी फायदा होने की उम्मीद है ।