उम्र बढ़ने के बाद भी आँखों कि रोशनी रहेगी तेज, नहीं लगाना पड़ेगा चश्मा,बस समझ लें ये बात!

Eye Care Tips: आँखों कि रोशनी उम्र बढ़ने के साथ कमजोर होने लग जाती हैँ और ये बहुत आम सी बात है, जिसे सभी जानते हैँ। वहीं उम्र बढ़ने के साथ न केवल रोशनी कम होने लग जाती है बल्कि मैक्यूलर डिजनरेशन, मोतियाबिंद और यहाँ तक पास रखीं चीजों में ध्यान भी ध्यान केंद्रित नहीं हो पाता है। इसके अलावा आँखों से लगातार आंसू टपकते रहना, सब कुछ धुंधला सा नजर आना और आँखों में दर्द बने रहने के जैसी समस्याएं बरकरार रहती हैँ।

ऐसे में इन टिप्स के बारे में जानिए जो कि आँखों कि रोशनी को तेज बने रहने में असरदार साबित हो सकते हैँ: 

रोजाना एक्सरसाइज करना 

फिजिकल एक्सरसाइजस तो आप करते ही रहते होंगे। ये आपके बॉडी को स्वस्थ रखने में मदद करते हैँ, साथ ही मेंटल हेल्थ को भी फिट रखते हैँ। लेकिन फिजिकल एक्सरसाइज के साथ ये बहुत ही ज्यादा जरूरी है कि आप आँखों से जुड़ी एक्सरसाइज को भी रोजाना करें, ताकि आँखों कि रोशनी भी तेज रहे।

यह भी पढ़ें: डायबिटीज के मरीजों के लिए जहर के सामान होता है इन फलों का सेवन!

• कमरे में प्रॉपर लाइट रखें

किताबों के पढ़ते समय हमेशा कोशिश करें कि सही लाइट्स का इस्तेमाल करें। वहीं, ध्यान रखें कि कम लाइट्स में किसी भी काम को न करें, क्योंकि आँखों में जोर पड़ता है। जिससे कि रोशनी धीरे – धीरे जाने लग जाती है।

बीमारियों से बचने कि कोशिश करें 

हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कॉलेस्टेरोल के जैसी बीमारियों को नियंत्रित करने कि कोशिश करें। लाइफस्टाइल और डाइट के ऊपर खासतौर पर अधिक ध्यान रखें। साथ ही समय – समय पर शुगर की जाँच भी करवाते हैँ, क्योंकि ये सारी ऐसी बीमारियां हैँ जिनका सीधा असर आँखों के सेहत के ऊपर पड़ता है और आँखों कि रोशनी कमजोर होने लग जाती है।

स्क्रीन टाइम कम रखें 

कोशिश करें कि 30 मिनट तक मोबाइल चलाने के बाद कुछ देर खुद कि आँखों को थोड़ा मोबाइल से दूर रखें। ऐसा करने से न केवल आँखों कि सेहत लम्बे समय तक स्वस्थ रहेगी बल्कि डिजिटल स्ट्रेस भी दूर हो जाएगा।

पानी पीते रहें 

हर आधे एक घंटे के बीच पानी पीते रहें क्योंकि पानी पीने से आँखों में नमी बनी रहती है। जिससे वहीं, ड्राई ऑय सिंड्रोम का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।

अच्छी डाइट रूटीन फॉलो करें 

डाइट में विटामिन ए, सी, ई और ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर चीजों को शामिल करें। इसके अलावा मछली, गाजर, हरी पत्ते दार सब्जियों और नट्स जैसी चीजों को भी डाइट में शामिल करें। ये सारी चीजें रेटीना को स्वस्थ बना के रखने में मदद करती हैँ। साथ ही मोतियाबिन्द के खतरे को भी दूर कर देती हैँ।