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यहां लोग परिजनों के अधजले शवों को ले आते हैं घर, फिर करते हैं ये काम

इंसान की मृत्यु के बाद उसके शव को या तो जला दिया जाता है, या फिर दफना दिया जाता है, लेकिन एक जनजाति ऐसी ही जिसके रीति रिवाज आपको चौंका देंगे। ये लोग मृत्यु के बाद शव को पूरा नहीं जलने देते और अधजले शव को अपने साथ वापस घर ले आते हैं। हम बात कर रहे हैं न्यू गिनी में स्थित पापुआ के पहाड़ों के बीच रहने वाली दानी नामक जनजाति की। यह जनजाति अपने पूर्वजों के शवों को संवारने के लिए जानी जाती है।

यह जनजाति पहाड़ों में छिपकर रहती है और अपने बड़े बूढ़ों की मौत के बाद उनके शरीर को ममी बना देती है, लेकिन ऐसा करने के लिए उन्हें पूर्वजों के शव के साथ कई दिनों तक बैठे रहना पड़ता है। मृत शरीर को ममी बनाने के लिए शव पर धुआं लगाया जाता है। धुआं शरीर पर तब तक लगाया जाता है जब तक कि शरीर ममी न बन जाए।

यह इस जनजाति का अपने मृत रिश्तेदारों को श्रद्धांजलि देने का तरीका है। हालांकि बदलते जमाने के साथ यह पुरानी परंपराएं भी अब बदल रही हैं। अब इस जनजाति के लोग भी इस परंपरा को मानना छोडऩे लगे हैं। हालांकि लोग दूर दूर से इन सहेजी हुई ममीज को देखने आते हैं। इस अनोखे तरीके से संभाल कर रखे गए मृत शरीर यहां आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।