इन खजानों को जो भी ढूंढने निकला जिंदा नहीं लौटा

दुनिया के कई अजीबोगरीब रहस्‍यों के बारे में तो आपने सुना ही होगा। इनमें से कई रहस्‍यों के रूप में अरबों-खरबों का खजाना भी है, इनकी खोज भी खूब हुई है और कई लोग इस चक्‍कर में अपनी जान से हाथ भी धो बैठे हैं। साल 2012 में ऐसे ही एक रहस्‍यमयी खजाने को ढूढते हुए डेनवर निवासी जेस केपेन की मृत्‍यु हो हो गई थी। दुनिया में कई ऐसे रहस्‍यमयी खजाने मौजूद हैं, जिनकी खोज का शगल बहादुरों में अभी भी जारी है।

ये हैं दुनिया के चर्चित रहस्‍यमयी खजाने

काहुएंगा दर्रा खज़ाना (The Cahuenga Pass Treasure)

सन 1864 में मैक्सिको के राष्ट्रपति बेनिटो जुआरेज के चार सैनिक एक खज़ाने को लेकर सेन फ्रांस्सिको पहुंचे। इनमें सोने के सिक्के और गहने थे। मार्ग में एक सैनिक की मौत होने के बाद अन्‍य तीनों ने बीच रास्ते में ही खज़ाने को जमीन के अंदर गाड़ दिया। इस दौरान वहां घूम रहे एक शख्‍स डियागो मोरेना ने उन्‍हें देख लिया। बाद में उसने इस खजाने को निकालकर लॉस एंजिलस की ऊपरी पहाड़ी पर गाड़ दिया। उसी रात डियागो ने स्वप्न में देखा कि यदि कोई इस खज़ाने को लाने की कोशिश करेगा तो उसकी मौत हो जाएगी। डियागो के मरने के बाद उसके दोस्‍त जीसस मार्टिनेज इस खज़ाने की प्राप्ति के लिए अपने सौतेले पुत्र के साथ वहां खुदाई करने पहुंचा, लेकिन उसकी मौत हो गई। 1885 में इस खज़ाने का कुछ भाग बास्क शेफर्ड को मिला, लेकिन जहाज से स्पेन जाते समय वह सोने के सिक्कों के साथ समुद्र में डूब गया। बाद में आयल एक्सपर्ट हेनरी जोन्स ने 1939 में इस खजाने को खुदवाया, लेकिन बाद में उसने भी आत्महत्या कर ली। अब तक करीब 9 लोग इस खज़ाने के चक्कर में काल के गाल में समा चुके हैं।

द अंबेर रूम (The Curse of the Amber Room)

पर्सिया में र्नि‍मित ‘द अंबेर रूम’ सोने का बना हुआ एक कमरानुमा चैम्बर था, इसका निर्माण 1707 में हुआ। इस रूम के अंदर पूरा काम सोने का था। कुछ लोग इसे विश्व का आठवां अजूबा भी पुकारते थे। यह पीटर द ग्रेट को रूस और पर्सिया के बीच शांति संधि के उत्सव के दौरान 1718 में गिफ्ट के तौर पर मिला था। 1941 में द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान नाजियों ने इस रूम पर अपना कब्जा कर लिया और इसे सुरक्षित रखने के लिए अलग अलग भागों में विभक्‍त कर दिया। 1943 में इन सभी टुकड़ों को एक संग्रहालय में रखा गया। जहां से यह पूरा का पूरा ‘द अंबेर रूम’ गायब हो गया, जिसका आज तक भी पता नहीं चला है। इसके गायब होने के बाद इससे जुड़े हुए लोगों की रहस्यमयी मौत होना शुरू होती है। सबसे पहले संग्रहालय के संरक्षक अल्फ्रेड रोड और उनकी पत्नी की मौत हो जाती है साथ ही वह चिकित्‍सक भी एकदम से गायब हो जाता है, जिसने उनके डेथ-सर्टिफिकेट पर हस्ताक्षर किए थे। इस रूम से जुड़े रूसी जनरल गुसेव भी कार दुर्घटना का शिकार हो जाते है और उनकी मौत हो जाती है। इसी अंबेर रूम की खोज करने वाले एक जॉर्ज स्टेइन की की भी रहस्‍यमयी परिस्थितियों में जंगल में मौत हो जाती है।

चार्ल्स आइसलैंड का खजाना (The Charles Island Curse)

अमेरिका में मिलफोर्ड के पास एक शापित द्वीप है। दरअसल सन 1721 में मैक्सिकन सम्राट गुआजमोजिन का धन चोरी हो गया था, मल्‍लाहों ने इस धन को इस द्वीन पर छिपा दिया था। 1850 में कुछ लोग यहां खज़ाने की खोज में पहुंचे तो वहां हड्डियों के ढांचों से आग की लपटें निकलने लगीं। प्रेत आत्माओं ने इन लोगों को मौत के घाट उतार दिया। आज तक किसी को यह खजाना नहीं मिल सका। वहां जाने का प्रयास करने वालों का मानना है कि वहां रहस्यम चमक दिखाई देती है और अजीब आवाजें भी सुनाई देती हैं।

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