HomeखेलInd Vs Pak: तूफानी पारी खेलते ही बाबर आजम के बदले सुर,...

Ind Vs Pak: तूफानी पारी खेलते ही बाबर आजम के बदले सुर, दिग्गजों को यूं दिखाया आईना

 नई दिल्लीः पाकिस्तान टीम के कप्तान बाबर आजम ने इंग्लैंड के खिलाफ चल रहे टेस्ट श्रृंखला के पहले मुकाबले में शानदार शतक लगाया था. लेकिन फिर भी उनकी टीम यह मैच जीत नहीं पाई।  पाकिस्तान की क्रिकेट टीम को रावलपिंडी टेस्ट में इंग्लैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा। लेकिन इस मैच में कप्तान बाबर आजम ने पहले इनिंग में शतक जड़ा था। इस शतक से उनके अंदर काफी आत्मविश्वास जगा होगा।

लंबे वक्त से बाबर आजम काफी खराब फॉर्म से जूझते हुए नजर आ रहे थे। कई सारे दिग्गजों और फैंस की नाराजगी भी उन्हें झेलनी पड़ रही थी। शतक लगाने के बाद बाबर आजम के अंदर काफी आत्मविश्वास तो जगा ही साथ ही उनके बयान में अकड़ की भावना देखने को भी मिली।

बाबर आजम मुल्तान टेस्ट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में गए थे। वहां उनसे सवाल पूछा गया कि क्या वह किसी तरह के दबाव में थे बाबर ने ओवरकॉन्फिडेंस में कहा कि उन्हें किसी को कुछ साबित करके दिखाना की जरूरत नहीं है। उन्होंने खुद से ही कहा कि वह एक बड़े खिलाड़ी हैं और ऐसा दौर हर किसी के करियर में आता रहता है।

  • बाबर आजम नहीं बिल्कुल दबाव में।

कुछ समय से बाबर आजम की खराब बल्लेबाजी के कारण कई दिग्गजों ने उन्हें कप्तानी से हटाने तक की बात कह दी थी। लेकिन बाबर पर इसका कोई भी असर नहीं दिखा। शतक लगाने के बाद उनके बात करने के तरीके में काफी अकड़ दिखाई दे रही थी।

उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा ‘मुझपर दबाव नहीं है. मैं किसी का दबाव नहीं लेता मैं यहां पर किसी को साबित करने नहीं आया कि मैं कैसा बल्लेबाज हूं. मुझे किसी को कुछ नहीं दिखाना है. मैं बस अपने क्रिकेट का मजा लेना चाहता हूं. मेरी कोशिश यही रहती है कि जो जिम्मेदारी मुझे दी गई है उसे पूरा करूं. मेरा काम अपना 100 प्रतिशत देना और टीम को जीत दिलाना है. अब परफॉमेंस होना न होना मेरे हाथ में नहीं है। हर खिलाड़ी चाहता है कि वह हर मैच में बेस्ट करें. लेकिन क्रिकेट में सब दिन एक जैसे नहीं होते।

  • अपने बयानों पर कभी ध्यान नहीं देते बाबर आजम

बाबर ने आगे बताया कि वह कभी दूसरों की बातों पर ध्यान नहीं देते हैं, इंसान को अपनी गलतियों से सीखना चाहिए.जब भी कोई गलती उनसे होती है तो वह उस से सीखने की कोशिश करते हैं। अच्छे वक्त में आप हमेशा अच्छा ही देखते हैं, लेकिन अहम यह होता है कि आप बुरे वक्त में कैसे अच्छे की तरफ देखें। मैं बुरे वक्त में कभी भी लोगों की नहीं सुनता हूं। मेरा काम बस टीम के लिए अच्छा परफॉर्म करना है और टीम को जीत दिलाना है, मैं वही करने में विश्वास रखता हूं।

RELATED ARTICLES

Most Popular