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नवरात्री Special नौ देवियों की आरतियाँ Nau Deviyon Ki Aartiyan:ANURDHA PAUDWAL,Best Aarti Collection

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Subscribe: http://www.youtube.com/tseriesbhakti Jai Ambe Gauri 00:00:00 Aarti(Jai Jai Kali Jai Mahakali) 00:07:30 Ambe Tu Hai Jagdambe Kaali 00:12:04 Shri …

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22 Comments
  1. Mukteshwar Uttarakhand Kumaoni says

    Super and nice

  2. Sandeep Kumar says

    Jai ma kali 👌👌👌

  3. GIRVER SINGH says

    Ma ambe ki aarti sabhi ko karni chahiye. Jai ma ambe gori

  4. Sonu Kumari says

    Niec

  5. Davinder Singh Dhalio says

    Jai maa nainadevi ji 😘😘😘😘😘😘

  6. Madhavi Sharma says

    Jai jai Kali

  7. Surjeet Kumar says

    Jai mata dii

  8. Chunnilal Kumawat says

    भजन कीर्तन के साथ में ये ऐड बन्द करो इससे भजन सुनने मे कष्ट

  9. Chunnilal Kumawat says

    अड मत दो

  10. Amit Sharma says

    Amit Sharma

  11. Ramesh Rathod says

    जय मां अंबे🍪🎂🥠🚖🚲🛤️🛣️

  12. Nisha Mallik says

    jai amby gori ki jai

  13. Sudama Singh says

    Jai mata di

  14. Baijnath Kumar says

    Vire good

  15. Sahil Singh says

    Jai maa mahakali

  16. Vinod Verma says

    Om jai Ambe Gauri

  17. SURENDRA KATTA says

    हरिः ॐ यज्ञेन यज्ञमयजन्त देवास्तानि धर्माणि

    प्रथमान्यासन्।

    ते ह नाकं महिमानः सचन्त यत्र पूर्वे साध्याः सन्ति

    देवाः।।

    ॐ बारम्बार कही,सुनी ना चित्त दे,सुता कहाँ नींद में



    क्या थे काम लगी भुवन में, क्या थे लगा ध्यान में ।

    क्या थोंरी मर्जी, हमे है गरजी, मईया ज़रा ध्यान दो।

    सुनलो चित्त लगाय अब तो, कीजे भलो भक्त को ।।

    त्वमेव माता च पिता त्वमेव, त्वमेव बन्धुश्च सखा

    त्वमेव,

    त्वमेव विद्या, द्रविणं त्वमेव, त्वमेव सर्वं ममः

    देव देवाः ।।

    सिंहादुत्थाय कोपात्धधड़तिधड़धड़ा धाड़मायाभवानी ।

    दैत्यानां सह्स्रपाती तर्तड़तड़तड़ा तोड़यन्ति शिशांशि



    तेषां रक्तां पिवन्ति घुघुट घुटघुटा घोटयन्ति पिशाचात्



    पीत्वा पीत्वा हसंती खखिल खिल खिला

    शांभवीमापुनातु ।।

    दे दे सुबुद्धि दे भवति धन दे विद्याबलस्थूल दे ।

    षट्कीर्ति वर दे, कलत्र सुख दे दानंसुपात्रम्च दे ।

    इच्छा भोजन दे गुरु स्मरण दे षट्कर्मदा नित्य दे ।

    विद्या रस रूचि दे हरि भजन दे मैया तेरो दर्श दे ।।

    माया कुंडलनी क्रिया मधुमती काली कला मालिनी ।

    मातंगी विजया जया भगवती देवी शिव शाम्भवी ।।

    शक्ति शंकर बल्लभा त्रिनयना बाघवादनी भैरवी ।

    हंकारी त्रिपुरा पुरा गुणमयी माता कुमारेश्वरी।।

    या माया मधुकैटभप्रमयिनी या महिषोन्मूलिनी।।

    या धुम्राक्षेण चण्डमुण्डमथिनी या रक्तबिजासनी।

    शक्ति शुम्भनिशुम्ब दैत्यदलिनी या सिद्धलक्ष्मी

    परा।

    या दुर्गा नवकोटि शक्ति सहिता मां मातु

    विश्वेम्भरी।।

    काया हंस बिना नदी जल बिना दाता बिना याचका।

    भ्राता स्नेह बिना ऋतु फल बिना धेनुश्चदुग्धम् बिना।

    नारी पुत्र बिना नरो धन बिना वेदों बिना ब्राह्मणा।

    एकोपिअन्यम् बिना दीपम् बिना मन्दिरम्।।

    ब्रह्मा मुरारी स्त्रिपुरंतकारी भानू: शशि भूमिसुतो

    बुधश्च ।

    गुरुश्च शुक्र: शनि राहू केतव: सर्वे ग्रहा शान्ति

    करा भवन्तु ।। (audio nahi mil raha)

  18. Vikash Kumar Gupta says

    Jai Mata di

  19. Nitish Kumar says

    Jai maa amber

  20. Neeraj Sharma says

    Jai maata di Jai maata di Jai maata di

  21. Nittu Kumari says

    Jai mata di

  22. manish patel says

    Jay Mata Di

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