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Car on Loan vs Cash: कैश में कार लेना सही या निवेश EMI, यहां समझें पूरा कैलकुलेशन

Adarsh P
February 22, 2026 at 2:28 PM IST · 1 min read

Car on loan vs cash: मौजूदा समय में कार होना सिर्फ लग्जरी नहीं है, बल्कि जरूरत बन गया है। ऑफिस में जाना हो, बच्चों को स्कूल छोड़ना हो या कहीं अचानक निकलना हो। ऐसे में अपनी गाड़ी का आराम और सुविधा अलग ही होती है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट की टेंशन खत्म, कैब कैंसिल होने का डर नहीं और समय की भी बचत होती है। लेकिन जब कार खरीदने की बारी आती है, तो सबसे बड़ा सवाल उठता है कि कार कैश में खरीदें या लोन पर लें?

कैश में खरीदें या लोन लें?

मान लीजिए आपको ₹15 लाख की कार लेनी है और आपके पास उतनी ही बचत है। आपके सामने दो विकल्प हैं—पूरी रकम कैश में दे दें या लोन लेकर गाड़ी खरीदें और अपनी बचत को कहीं और निवेश करें। पहली नजर में कैश ऑप्शन आसान और तनावमुक्त लगता है क्योंकि EMI नहीं देना पड़ेगा। लेकिन क्या यह सच में बेहतर है?

लोन लेने के फायदे और नुकसान

अगर आप लोन लेते हैं, तो मान लीजिए ब्याज दर 9% है और लोन अवधि 5 साल की है। इस हिसाब से आपको लगभग ₹3,68,252 ब्याज देना पड़ेगा और मासिक EMI करीब ₹31,138 होगी। 5 साल में कुल भुगतान ₹18,68,252 होगा, यानी कार की कीमत से साढ़े तीन लाख रुपये ज्यादा। ध्यान रहे कि ब्याज दर आपके सिबिल स्कोर पर भी निर्भर करती है।

कैश में खरीदने के फायदे और नुकसान

अगर आप ₹15 लाख सीधे कार पर खर्च कर देते हैं, तो EMI का झंझट नहीं रहेगा। लेकिन वही ₹15 लाख अगर 5 साल की FD में 6.75% ब्याज पर लगाए जाएं, तो मैच्योरिटी पर यह रकम लगभग ₹20,95,390 हो जाएगी। यानी आपकी बचत करीब ₹5,95,390 बढ़ सकती है।

एक्सपर्ट की राय

सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर और MyFundSIP की फाउंडर पूजा पटेल कहती हैं कि मिडल क्लास में अक्सर यही गलती होती है कि लोग सोचते हैं  कि पैसे तो मेरे पास हैं, सीधे कैश दे देता हूं और EMI से छुटकारा पाता हूं। लेकिन असल में आप अपनी लिक्विडिटी खत्म कर रहे हैं और पैसा ऐसी चीज़ में लगा रहे हैं जिसकी कीमत समय के साथ घटती है। उदाहरण के लिए, 5 साल बाद वही कार लगभग ₹7 लाख की रह जाएगी।

स्मार्ट प्लानिंग से बचत बढ़ाएं

पूजा पटेल बताती हैं कि बेहतर तरीका यह है कि आप स्मार्ट प्लानिंग करें। उदाहरण के लिए ₹15 लाख की कार में ₹5 लाख डाउन पेमेंट दें और बाकी ₹10 लाख का लोन 9% ब्याज पर लें। फिर ₹10 लाख किसी अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करें। 5 साल में लोन पर लगभग ₹2.45 लाख ब्याज देना पड़ेगा, लेकिन निवेश पर 12% रिटर्न मिलने पर ₹10 लाख लगभग ₹17.6 लाख बन सकते हैं। यानी लोन चुकाने के बाद भी ₹4.3 लाख का फायदा बच सकता है।

कौन सा विकल्प बेहतर?

अगर आप मानसिक रूप से फ्री रहना चाहते हैं और EMI नहीं देना चाहते, तो कैश ऑप्शन ठीक रहता है, लेकिन अगर आप अपनी बचत बढ़ाना चाहते हैं और सही प्लानिंग कर सकते हैं, तो लोन लेकर निवेश करना फायदेमंद हो सकता है। हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति अलग होती है। इसलिए निर्णय लेते समय अपनी आय, जोखिम लेने की क्षमता और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है।

क्या करें फैसला

बता दें कार खरीदना बड़ा फैसला है। इसे सिर्फ भावनाओं में बहकर न लें। सही गणित और रणनीति अपनाकर आप न सिर्फ कार के मालिक ही नहीं बन सकते हैं, बल्कि अपनी सेविंग भी कर सकते हैं।

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