News in Hindi

नौकरियां ही नौकरियां: होने वाली है 1 लाख सीटों पर बंपर भर्ती

देशभर में 1 जुलाई से जीएसटी लागू हो गया है। जीएसटी से धीरे धीरे बड़े बदलाव सामने आने लगे हैं। हालांकि अब जीएसटी लाखों युवाओं को नौकरी देने का भी साधन बनने वाला है। जीएसटी लॉॅन्च होने के साथ ही अकाउंटेंट्स और सीए की डिमांड में बड़ा उछाल आया है। उधर आईटी कंपनी इंफोसिस के को-फाउंडर और इन्वेस्टर एस गोपालकृष्णन ने शुक्रवार को कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद अगले 6 महीने में 1 लाख नौकरियों के अवसर बनेंगे।

गोपालकृष्णन ने कहा – हर साल हमें 2 कराड़ नई नौकरियों के सृजन की जरूरत है। इस बार नौकरियों के बारे में मेरे पास कोई डेट या फिर रिकॉर्ड तो नहीं है, लेकिन मेरा अनुमान कहता है कि अगले छह महीने में 10000 से लेकर 1 लाख तक नौकरियां पैदा हो सकती हैं। यह नौकरियां जीएसटी को लागू करने के प्रयासों के चलते ही पैदा होंगी।

आपको बता दें कि द न्यू वेल्थ ऑफ नेशंस-इनोवेशन एंड इंटलेक्चुअल कैपिटल के विषय पर 13वां इंडिया इनोवेशन समिट 13 जुलाई से बेंगलूरु में आयोजित होगा। गोपालकृष्णन ने कहा कि यह ऐसा वक्त है, जब देख को आगे बढऩा है। जीएसटी के आने से पारदर्शी अर्थव्यवस्था के संक्रमण की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन यह रातों रात नहीं होगा। गोपालकृष्णन ने कहा – नौ प्रतिशत रोजगार असंगठित क्षेत्र में है, केवल 10 प्रतिशन नौकरियां ही संगठित क्षेत्र में हैं। इसलिए असंगठित से संगठित क्षेत्र में परिवर्तन को अधिक समय लगेगा। जीएसटी इस परिवर्तन की शुरुआत है।