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अब कोई भी मंत्री 1 मई से नहीं लगा सकेगा कार पर लाल बत्ती

केंद्र सरकार ने बुधवार को ही यह निर्णय लिया है कि तमाम मंत्री, पॉलिटीशियंस और ब्यूरोक्रैट्स की गाडिय़ों पर लाल बत्ती 1 मई से बैन कर दी जाएगी। इस बैन के लिए प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और यहां तक कि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को भी नहीं बख्शा गया है। यानी कि ये सब भी लाल बत्ती नहीं लगा सकेंगे। केवल एंबुलेंस, फायर सर्विस, पुलिस और आर्मी की गाडिय़ां पर नीली बत्ती लगाने की इजाजत होगी ताकि वे ट्रैफिक से जल्दी निकल सकें।

हमारे देश में कुल छह तरह की बत्तियां इस्तेमाल होती हैं, जिनमें से लाल, नीली और पीली बत्ती गाडिय़ों पर ज्यादा देखी जाती है। हालांकि लाल बत्ती को हमारे देश में ज्यादा महत्व मिलता है, क्योंकि यह वीआपी का सिंबल होता है। हमारे देश में लाल बत्ती का नियम ब्रिटिशर्स लाए थे।

यह निर्णय 15 अप्रेल को प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई रोड ट्रांसपोर्ट अधिकारियों की मीटिंग में लिया गया। प्रधानमंत्री ने यह निर्णय के बारे में अपने कैबिनेट को बताया। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा – हमने निर्णय लिया है कि हम सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स 1989 में से उस क्लॉज को हटा रहे हैं जिसके तहत केंद्र और राज्य को यह पावर मिलती है कि वे गाड़ी पर लाल बत्ती लगाने की इजाजत दे सकें।

आपको बता दें कि 2015 में दिल्ली के मुख्यमंत्री बने अरविंद केजरीवाल अपनी कार पर लाल बत्ती नहीं लगाते, वहीं केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू और जूनियर होम मिनिस्टर किरण रिजिजू ने जब से मोदी काउंसिल जॉइन किया है, तब से उन्होंने भी अपनी कार पर लाल बत्ती का इस्तेमाल नहीं किया है। वहीं नितिन गडकरी और जितेंद्र सिंह ने बुधवार को ही अपनी कार से लाल बत्ती हटा दी।