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500 और 2000 रुपए के नए नोट का यह राज आपसे छुपा गया आरबीआई

पिछले साल 8 नवंबर की रात 12 बजे से 500 और 1000 रुपए के नोट बंद होन के बाद 500 और 2000 रुपए के नए नोट चलन में आए हैं। इन नोटों को लेकर अब तक कई तरह की अफवाहें उड़ीं, किसी ने कहा कि 2000 के नोट में माइक्रो चिप लगी है, तो कहीं नकली नोटों की भी बात सामने आई। इस सब के बीच भारतीय रिजर्व बैंक ने इन नोटों से जुड़ा एक राज छुपाया है।

आरबीआई के मालिकाना हक वाली एक कंपनी ने यह बताने से साफ इंकार कर दिया है कि 500 और 2000 रुपए के नोट छापने के लिए आखिर कागज कहां से लाया जा रहा है। भातरीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड ने कहा कि वह यह नहीं बता सकता कि इन नोटों की छपाई के लिए कागज कहां से लाए गए थे।

इस कंपनी से एक आरटीआई के जरिए पूछा गया था कि आखिर इन नोटों की छपाई के लिए कागज कहां से लाया जा रहा है। इसके जवाब में कंपनी ने कहा कि यह जानकारी देना भारत की संप्रभुता को प्रभावित कर सकता है और साथ ही ऐसा करना अपराध भी हो सकता है। इसलिए यह जानकारी नहीं दी जा सकती।

 

दरअसल यह सवाल इसलिए उठा क्योंकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में आरोप लगाए जा रहे थे कि नोटों की छपाई के लिए कागज ऐसी कंपनी से खरीदे जा रहे हैं, जिसे ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है। इस पर एक न्यूज एजेंसी के रिपेार्टर ने आरटीआई के जरिए यह जानकारी मांगी, लेकिन आरबीआई ने कहा कि यह जानकारी सूचना के अधिकार के सेक्शन 8(1)(ए) के तहत आती है। यानी कि इस सूचना को सार्वजनिक करने से देश की संप्रभुता को खतरा हो सकता है। इसलिए इस जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया गया है।