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अब से मिलेगी 26 सप्ताह की मेटरनिटी लीव, ऑफिस में मिलेगी क्रेच की सुविधा

तमाम नौकरीपेशा महिलाओं के लिए यह अच्छी खबर है। लोकसभा में मेटरनिटी बेनिफिट (अमेंडमेंट) बिल 2016 पास हो गया है। एक बार राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह बिल कानून में बदल जाएगा। इस नए बिल के अनुसार सरकारी व निजी सस्थानों में काम कर रही महिलाओं को अब से 26 सप्ताह की मेटरनिटी लीव मिलेगी।

हालांकि जिन महिलाओं के पहले से ही दो या उससे ज्यादा बच्चे हैं उन्हें केवल 12 सप्ताह की ही छुट्टी मिल सकेगी। वहीं अगर कोई महिला तीन महीने से छुटी उम्र का बच्चा गोद लेती है तो उसे भी 12 सप्ताह की छुट्टी मिलेगी।

इस बिल के अनुसार जिस भी कंपनी में 50 या उससे ज्यादा कर्मचारी होंगे उन्हें अपने ऑफिस में ही क्रेच की सुविधा भी मुहैया करवानी होगी। आपको बता दें कि एनजीओस और महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाली तमाम संस्थाएं लंबे समय से ऑफिस में क्रेच की सुविधा की मांग कर रही थीं, ताकि महिलाएं बच्चे होने के बाद भी अपनी नौकरी जारी रख सकें।

लेबर व एम्पलॉयमेंट मिनिस्टर बंडारु दतात्रे ने संसद में यह बिल पेश किया था और इसे निचले सदन में 53 सदस्यों की उपस्थिति में ही पास कर दिया गया। इस दौरान विपक्ष की 8 महिला एमपी और ट्रेजरी बेंचेस में तीन वहां मौजूद रहीं। यह बिल राज्य सभा में पहले ही पास हो चुका है। आपको बता दें कि फिलहाल मेटरनिटी बेनिफिट्स एक्ट के तहत 12 सप्ताह की मेटरनिटी लीव मिलती है। इस बिल के कानून बनने के बाद यह छुट्टी बढ़कर 26 सप्ताह की हो जाएगी।