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जब Sachin ने ड्रेसिंग रूम में बचाई थी कोच की लाज

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर टीम इंडिया के सीनियर होने के साथ साथ काफी समझदार खिलाड़ी भी रहे हैं। यह किस्सा वर्ष 2002 का है जब टीम इंडिया इंग्लैंड दौरे पर थी। इस किस्से का खुलासा उस समय टीम के मैनेजर रहे राजीव शुक्ला ने किया। यहां ओवल में वनडे के दौरान जब वीरेंद्र सहवाग आउट होकर ड्रेसिंग रूम लौटे तो गुस्साए कोच जॉन राइट ने उन्हें चांटा जड़ दिया।

शुक्ला ने बताया कि जब यह घटना हुई तब टीम के कप्तान सौरव गांगुली चाहते थे कि कोच राइट सहवाग से माफी मांगे। शुक्ला ने बताया, ‘मैंने सहवाग का मूड खराब देखा। जब उनसे पूछा तो उन्होंने कहा कि जॉन ने उन्हें चांटा मारा है। यह घटना देखते ही देखते ड्रेसिंग रूम में मुद्दा बन गई। गांगुली अड़ गए कि जब तक जॉन सहवाग से माफी नहीं मांगते टीम ड्रेसिंग रूम छोड़ कर मैदान में नहीं जाएगी।’

शुक्ला ने बताया, ‘मैंने जॉन से इस बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि मैं चाहता था कि सहवाग शतक बनाए, लेकिन सहवाग ने फिर वही बल्ला उठाने की गलती दोहराई और वह आउट हो गया। इसलिए मैं गुस्से में था तो मैंने उसे केवल अपने स्टूडेंट मानते हुए धक्का दिया था।’

ड्रेसिंग रूम का माहौल गर्माता देख सचिन ने शुक्ला से अनुरोध किया कि वे यह सुनिश्चत करें कि कोच जॉन सहवाग से माफी न मांगे, क्योंकि ऐसा करने से टीम में उनका सम्मान कम हो जाएगा और उनके साथ ऐसा नहीं होना चाहिए। इसके बाद शुक्ला ने सहवाग को समझाया कि जैसे पिता अपने बच्चे की गलती पर उसे फटकारता है जॉन ने भी उसी लहजे में आपको झिड़का। सहवाग इस बात को समझ गए और उनकी नाराजगी दूर हो गई।

शुक्ला ने बताया कि अगर सचिन न होते तो टीम के ज्यादातर खिलाड़ी इंग्लैंड के खिलाफ नेटवेस्ट ट्रॉफी जीतने की खुशी में शर्ट उतार कर लहरा देते। शुक्ला ने बताया कि सौरव चाहते थे कि सभी खिलाड़ी जीत मिलने पर ऐसा करें, लेकिन सचिन मेरे पास आए और बोले कि ऐसा नहीं होना चाहिए। यह जेंटलमेन्स गेम है और अगर सौरव ऐसा करना चाहते हैं तो उन्हें करने दें। ऐसा ही हुआ इस जीत के बाद केवल सौरव गांगुली ने ही अपनी शर्ट उतारकर लहराई, शायद यह उनका तरीका था एंड्रियू फ्लिंटॉफ को जवाब देने का।

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