शाहीन बाग मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, सीलमपुर से मौजपुर जाने वाली सड़क हुई बंद

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ शाहीन बाग में धरना-प्रदर्शन चल रहा है। वही इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में सोमवार (24 फरवरी, 2020) सुनवाई होगी । रिपोर्ट के मुताबिक सुनवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए तीन वार्ताकारों की एक टीम नियुक्त की थी। वार्ताकारों ने धरना-प्रदर्शन कर रहे लोंगों से बात की थी।

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दरअसल आप को बता दें कि सुनवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग धरने में बैठे प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए तीन वार्ताकारों की एक टीम नियुक्त की थी। जिसमें से एक पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह ने कहा है कि शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों को अगर जबरन दूसरी जगह शिफ्ट किया गया तो ये उनकी सुरक्षा से समझौता करने जैसा होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस ने अनावश्यक रूप से सड़कों को अवरुद्ध किया है, जिसकी वजह से लोगों को समस्या हो रही है।

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रिपोर्ट के अनुसार इसी बीच दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि सीमलपुर से मौजपुर की तरफ जाने वाली मुख्य सड़क को दोनों तरफ से स्थानीय पुलिस द्वारा बंद कर दिया गया है। वही पुलिस ने लोगों से अपील है कि वो वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें।

 

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सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करने के लिए तीन वार्ताकारों को नियुक्त किया है। जिनमें वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन, पूर्व चीफ इंफोर्मेशन ऑफिसर वजाहत हबीबुल्लाह शामिल है । वही पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह ने रविवार को कहा कि दिल्ली के शाहीन बाग में जिस सड़क पर सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले बैठे हैं, वहां से उनको जबरन शिफ्ट करना उनकी सुरक्षा से समझौता होगा। औऱ दुसरे वार्ताकार ने जस्टिस एसके कौल और केएम जोसेफ की बेंच ने माना था कि प्रदर्शन करना जनता का अधिकार है लेकिन इससे लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। पब्लिक रोड को ब्लॉक करना परेशानी पैदा करता है।