Times Bull
News in Hindi

60 हजार रुपए की ब्रांडेड कुर्सी नहीं मिली तो सजाया जमीन पर दफ्तर

जहां एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश भर में वीआईपीए कल्चर को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं एक कुलपति ऐसे हैं, जिनकी ब्रांडेड कुर्सी की जिद पूरी नहीं हुई तो उन्होंने जमीन पर ही अपना दफ्तर जमा लिया। उत्तराखंड संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति 60 हजार रुपए कीमत वाली ब्रांडेड कुर्सी की जिद पर अड़े हैं। अपनी जिद मनवाने के लिए उन्होंने कार्यालय का सारा फर्नीचर हटवाकर जमीन पर ही बैठना शुरू कर दिया है। यही नहीं उनसे मिलने आने वालों को भी जमीन पर ही बैठना पड़ता है। आपको बता दें कि देशभर में वीआईपी कल्चर को खत्म करने के लिए हाल ही मंत्रियों की गाडिय़ों से लाल बत्ती हटाने के निर्देश भी दे दिए गए हैं।

उत्तराखंड संस्कृति विवि के कुलपति प्रो. पियूषकांत दीक्षित ने कुर्सी प्रेम के चलते तमाशा खड़ा कर दिया। कुलपति पुरानी और टूट चुकी कुर्सी की जगह नई ब्रांडेड कुर्सी चाहते हैं। उन्हें पसंद आई है गोदरेज की कुर्सी जिकी कीमत 57 हजार रुपए है। इसे खरीदने पर तीन हजार रुपए बतौर टैक्स भी चुकाना होगा, जिसके चलते कुर्सी की कीमत 60 हजार रुपए पड़ रही है। वित्त विभाग ने इतनी महंगी कुर्सी खरीदने पर आपत्ति जताई है और इसकी जगह 15 से 20 हजार रुपए तक की अच्छी कुर्सी खरीदने की सलाह दी है।

 

वित्त विभाग की इस आपत्ति से कुलपति नाराज हो गए और उन्होंने अपने कार्यालय का सारा फर्नीचर बाहर निकलवा दिया और गद्दे बिछवा कर काम करना शुरू कर दिया। जब कुलपति से इस बारे में पूछा गया तो पहले तो उन्होंने नाराजगी की बात से इनकार किया, लेकिन बाद में कहा कि कुर्सी उनके पद के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्रांडेड कुर्सी दिखने में भी अच्छी होती है और चलती भी ज्यादा है।

रोचक और मजेदार खबरों के लिए अभी डाउनलोड करें Hindi News APP

Related posts

रोचक और मजेदार खबरों के लिए अभी डाउनलोड करें Hindi News APP

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Loading...