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अब चलेंगी प्राइवेट ट्रेन्स भी, डेवलपमेंट अथॉरिटी तय करेगी चार्ज

प्राइवेट विमानों की ही तरह अब प्राइवेट ट्रेन्स भी माल की ढुलाई का काम करेंगी। प्राइवेट कंपनियां अपने माल की ढुलाई के लिए रेलवे के नेटवर्क पर ट्रेन चला सकती हैं। इसके लिए उन्हें रेलवे को ट्रैक को इस्तेमाल करने का चार्ज देना होगा। टै्रक एक्सेस चार्ज रेलवे डेवलपमेंट अथॉरिटी निर्धारित करेगी। अप्रेल में कैबिनेट में पास रेलवे डेवलपमेंट अथॉरिटी का नोटिफिकेशन जारी हो चुका है।

आरडीए तय करेगी ट्रैक एक्सेस चार्ज

रेलवे डेवलपमेंट अथॉरिटी ही टैरिफ निर्धारण के लिए मॉडल, रूल्स और प्रिंसिपल फ्रेम करेगी और प्रस्तावित टैरिफ की सिफारिश भी करेगी। साथ ही कमोडिटी की क्लासिफिकेशन के बारे में भी निर्णय अथॉरिटी का ही होगा।

प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा

डेवलपमेंट अथॉरिटी के मुख्य कार्यों में रेलवे में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देना भी है। इसके लिए अथॉरिटी में एक मैंबर (पीपीपी) को नियुक्त किया जाएगा। यह मेंबर इस तरह की सिफारिशें तैयार करेंगे, जिससे रेलवे में निजि निवेश बढ़े। ये निजि निवेशकों के लिए सुरक्षित माहौल बने, ऐसी पॉलिसी भी बनाएंगे।

 

एक्सपर्ट की राय

रेलवे बोर्ड के पूर्व मेंबर आर सी आचार्य ने मनी भास्कर को बताया कि इंग्लैंड में एक दशक पहले रेलवे का प्राइवेटाइजेशन कर दिया गया था। यहां प्राइवेट सेक्टर ने तो मुनाफा कमाया और पब्लिक (कस्टमर्स और सरकार) को बिल भरने पड़े। इतना ही नहीं, लंबे समय से काम कर रहे लोगों की नौकरियां भी गईं। इसलिए भारत में यह योजना लागू करने से पहले इंग्लैंड की योजना की स्टडी जरूर करनी चाहिए।