नई दिल्लीः भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप ने लोगों का जीना ही दुश्वार कर दिया है, जिससे फिलहाल राहत मिलती नहीं दिख रही है। दक्षिणी राज्यों के कुछ हिस्सों में तेज आंधी के साथ बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली। दूसरी ओर लोगों के लिए मानसून को लेकर एक खुशी की खबर है। बताया जा रहा है कि मानसून इस बार देश में समय से पहले दे सकता है। भारतीय मौसम विभाग(आईएमडी) ने कुछ इलाकों में आंधी के साथ बारिश की चेतावनी जारी कर दी है।

मौसम विशेषज्ञ के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले पांच दिनों तक भागलपुर में प्रतिदन बारिश देखने को मिलेगी। बारिश की फुहार मौसम को सुहावना कर देगी। अगले पांच दिन आसमान में बादल छाए रहने की सभावना बनी रहेगी। मौसम विज्ञानी सुनील कुमार ने बताया कि मौसम के मिजाज में उतार चढ़ाव देखने को मिलेगा।

तेज धूप से तापमान बढ़ेगा भी और बारिश होते ही तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। अर्थात यूं कहें कि गर्मी के बीच में हल्की बारिश अगले पांच दिनों तक होती रहेगी। आईएमडी के अनुसार, इस साल 27 मई तक दक्षिण पश्चिम मानसूनी हवाएं केरल के रास्ते भारत में प्रवेश करने की संभावना है।

भारत के उत्तर-पश्चिम में पिछले एक महीने में अत्यधिक उच्च अधिकतम तापमान का अनुभव हो रहा है। इस बीच, समय पर मानसून की बारिश भारत के कृषि उत्पादन और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है, ऐसे समय में जब देश खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों से जूझ रहा है।

  • बीते साल इतना रहा था बारिश का औसत

आईएमडी के अनुसार, पिछले साल की मानसूनी बारिश लंबी अवधि के औसत का 99 फीसदी थी। यह 2020 में सामान्य से 9 फीसदी अधिक और 2019 में औसत से 10 प्रतिशत अधिक था। बारिश ने 2021-22 में भारत के खाद्यान्न उत्पादन को रिकॉर्ड करने में मदद की। बरसात के मौसम में बारिश न केवल खेतों में सीधे पानी भरती है, बल्कि जलाशयों को भर देती है जो सर्दियों में बोई जाने वाली फसलों की सिंचाई में मदद करते हैं। एक अच्छा मानसून फसल उत्पादन को बढ़ाता है, जबकि खराब बारिश से पीने के पानी की कमी होती है, फसल कम होती है और कुछ वस्तुओं का आयात अधिक होता है।

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