नई दिल्लीः कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी रफ्तार के बीच द्य पदार्थ लगातार महंगे होते जा रहे हैं, जिससे लोगों की जेब पर बोझ बढ़ रहा है। पेट्रोल डीजल और रसोई गैस की कीमत सातवें आसमान पर है। ऐसे में आप सरसों तेल के खरीदार हैं तो फिर आपकी मौज आने वाली है।

खाने के तेलों के भाव में थोड़ी गिरावट देखने को जरूर मिली है, जिससे आम लोगों की जेब का भार कम हो जाएगा।

इस बीच अगर आप सरसों तेल के खरीदार हैं तो यह खबर आपके बड़े ही काम की है। सरसों तेल की कीमत में कुछ गिरावट दर्ज की गई। नई कीमत के अनुसार सरसों का तेल 160-170 रुपये प्रति किलो के बीच बेचा जा रहा है। यह कीमत उच्चतम कीमत से करीब 40 रुपये कम है।

ग्राहकों के पास खरीदारी करने का यह अच्छा मौका है। वहीं, सामान्य कारोबार के बीच सोयाबीन तेल, सीपीओ, पामोलीन सहित बाकी सभी तेल-तिलहनों के भाव पूर्वस्तर पर बंद हुए। उच्चतम स्तर से सरसों की कीमत करीब 30-40 रुपये कम है।

बाजार सूत्रों के मुताबिक महाराष्ट्र के धुरिया में प्लांट वाले सोयाबीन दाना 6,625-6,650 रुपये क्विन्टल की कीमत पर खरीद रहे हैं।

इससे सोयाबीन दाना एवं लूज के भाव में सुधार आया। मिल वालों को सोयाबीन का कारोबार बेपड़ता बैठता है और बाजार में भाव पेराई की लागत से कहीं सस्ता होने से मिलों को पेराई के बाद तेल सस्ते में बेचने को बाध्य होना पड़ता है।

यानी मिल वालों, संयंत्रों, आयातकों सभी को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सूत्रों के मुताबिक कि सरकार को इस ओर ध्यान देना होगा कि अपनी खाद्य तेल जरुरतों के लिए 65 प्रतिशत आयात पर निर्भर देश के व्यापारियों और आयातकों को बेपड़ता भाव पर तेलों की बिक्री क्यों करनी पड़ रही है?

उन्होंने लागत से कम भाव पर बिक्री करने की बाध्यता पर गौर करने का सरकार से अनुरोध किया।

– मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 1,840

– 1,965 रुपये प्रति टिन।

– सरसों तेल दादरी- 16,600 रुपये प्रति क्विंटल।

– सरसों पक्की घानी- 2,265 -2,590 रुपये प्रति टिन।

– सरसों कच्ची घानी।

– 2,645 – 2,755 रुपये प्रति टिन।

– तिल तेल मिल डिलिवरी – 16,700 – 18,200 रुपये।

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Sachin Kumar

साल 2018-20 तक हरिभूमी में डेस्क पर काम किया, जहां खबरों की प्रुखता पर प्लानिंग की।...