bakrid 2021 qurbani ki dua: कुरान में ये लिखा था की क़ुरबानी अल्लाह के नबी हज़रत इब्राहिम की सुन्न्न्त है। हजरत इब्राहीम ने एक बार सपना आया और उसमे दिखा की इब्राहीम के इकलौते बेटे की क़ुरबानी अल्लाह मांग रहा है तो ये पहले तो घबरा गया फिर अपने बेटे को बताया तो बेटा ये सुनकर ख़ुशी ख़ुशी अल्ल्लाह के पास जाने के लिए तैयार हो गया और फिर बेटे की क़ुरबानी के लिए तैयार हुए।

फिर जब हजरत इब्राहीम अपने बेटे के साथ अल्लाह को कुर्बानी देने के लिए निकल गये। अपने बेटे को किब़ला रुख में लिटा कर उसकी गर्दन पर छोडी़ फेरी तो अल्लाह ताला ने आसमान से एक दुंबा भेजा। अल्लाह ने कहा कि ” ऐ इब्राहिम इसको (दुंबा) ज़िब्ह करो। हम तुम्हारा इम्तिहान लेना चाहते थे”। इसके बाद इस्माइल का ये जज्बा देखकर अल्लाह को इतना पसंद आया की उसको वापस जिन्दा कर दिया और तब से ही मुसलमान क़ुरबानी के लिए जानवरों की क़ुरबानी देने शुरू कर दिया।

जानवार को ज़बह करने से पहले यह दुआ पढ़े:

इन्नी वज्जहतु वजहिय लिल्लज़ी फ़तरस्समावाति वल्अरज़ा हनीफ़ंव व मा अना मिनल्मुशरिकीन, इन्ना सलाती व नुसुकी व महयाया व ममाती लिल्लाहि रब्बिल अ़ालमीन, ला शरीक लहु व बिज़ालिक उमिरतु व अना मिनल्मुस्लिमीन, अल्लाहुम्म मिन्क व लक, बिस्मिल्लाहि अल्लाहु अकबर
पढ़कर ज़बह करे।

bakrid 2021

क़ुर्बानी अगर अपनी तरफ़ से है, तो ज़बह करने के बाद यह पढ़े…

अल्लाहुम्म तक़ब्बल मिन्नी कमा तक़ब्बल्त मिन् ख़लीलिक इब्राहीम अ़लैहिस्सलाम व हबीबिक मुहम्मदिन सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम
और अगर दुसरी की जानिब से ज़बह किया जाए, तो ‘मिन्नी’ की जगह ‘मिन फलां’ कहा जाए

Qurbani Ki Dua in Arabic
إِنِّي وَجَّهْتُ وَجْهِيَ لِلَّذِي فَطَرَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ حَنِيفًا وَمَا أَنَا مِنَ الْمُشْرِكِينَ إِنَّ صَلَاتِي وَنُسُكِي وَمَحْيَايَ وَمَمَاتِي لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ لَا شَرِيكَ لَهُ وَبِذَلِكَ أُمِرْتُ وَأَنَا أَوَّلُ الْمُسْلِمِينَ، بِسْمِ الله الله أَكْبَرُ।

Qurbani Ki Dua in Hindi Mein
इन्नी वज्जह्तु वज्हि-य लिल्लज़ी फ़-त-रस्समावाति वल अर-ज़ अला मिल्लति इब्राही- म हनीफ़ंव व मा अना मिनल मुश्रिकीन इन-न सलाती व नुसुकी व महया-य व ममाती लिल्लाहि रब्बिल आ ल मी न ला शरी-क लहू व बि ज़ालि-क उमिर्तु व अना मिनल मुस्लिमीन अल्लाहुम-म मिन-क व ल-क अन ० बिस्मिल्लाह वल्लाहू अकबर।

Qurbani Ki Dua in English Mein
Inni waz jahtu wajahi ya lillazi fa ta rassamawati wal arz hanifauv wa ma ana minal mushriqi na in na salaati wa nusuki wa mahya ya wa mamaati lillahi rabbil aalmin। La shariq lahu wa bizali ka uriratu wa ana minal muslimin। Allahumma ma la ka wa min ka bismillahi Allahu Akbar।

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