Martyrs’ Day, Shaheed Diwas 2020: शहीद दिवस के दिन भगत सिंह के इन शेर को सुनकर कोरोना से लड़ने की मिलेगी हिम्मत …

नई दिल्ली : Martyrs’ Day, Shaheed Diwas जब भी देश के लिए शहीद हुए लोगों को याद किया जाता हैं तो सबसे पहले तीन सपूतों- भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरु का नाम लिया जाता हैं। bhagat singh rajguru and sukhdev 23 मार्च, 1931 को तीनों सपूतों को फांसी के फंदे पर एक साथ लटका दिया गया था। Martyrs’ Day (in India) भारतीय इतिहास में 23 मार्च के इस दिन को काला दिन के रूप में भी याद किया जाता हैं और साथ ही 23 मार्च का दिन शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता हैं।

Shaheed Diwas 23 march बता दें कि भारत के देशभक्त कहे जाने वाले भगत सिंह bhagat singh का जन्म 28 सितंबर 1907 को हुआ था। महान क्रांतिकारी भगतसिंह ने लोगों के दिलों में अपनी एक अलग ही पहचान बनाई हुई हैं। मात्र 23 वर्ष की उम्र में ही शहीद हो गए थे। छोटी सी ही उम्र में भगतसिंह के विचार बहुत ही ज्यादा महान थे। वहीं दूसरी तरफ दुनियाभर में Coronavirus India कोरोना वारयस ने तबाही मचाई हुई हैं, रोजाना कोरोना के नए केस और और मरने वाले लोगों की संख्या बढ़ती ही जा रही हैं। कोरोना से जनता को बचाने के लिए सरकार ने लॉक डाउन जारी कर दिया हैं। भारत में अब तक कोरोना से मरने की संख्या लगभग 415 हो गई।

ऐसे में आज के दिन अपने दोस्तों और अपने परिवार वालों का हिम्मत बढ़ाने के लिए bhagat singh quotes देशभक्ति भरी शायरी शेयर कर सकते हैं, ताकि ऐसे में जनता के दिलों में कोरोना का डर खत्म हो, और उनसे लड़ने की हिम्मत मिले।

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है

सीनें में जुनूं, आंखों में देशभक्ति की चमक रखता हूं
दुश्मन की सांसें थम जाए, आवाज में वो धमक रखता हूं

जमाने भर में मिलते हैं आशिक कई,
मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता,
नोटों में भी लिपट कर,
सोने में सिमटकर मरे हैं शासक कई,
मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफन नहीं होता

दिलों में हुब्ब-ए-वतन है अगर तो एक रहो
निखारना ये चमन है अगर तो एक रहो

जबसे सुना है मरने का नाम जिन्दगी है
सर से कफन लपेटे कातिल को ढूँढ़ते हैं।।

“जो भी विकास के लिए खड़ा है
उसे हर चीज की आलोचना करनी होगी,
उसमें अविश्वास करना होगा और उसे चुनौती देनी होगी।”