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दोस्ती की खातिर स्टम्प्स कलैक्ट करते हैं धोनी

टीम इंडिया के मैच जीतने के तुरंत बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी एक काम हमेशा करते हैं, वह है स्टम्प्स लेना। धोनी के स्टम्प्स कलेक्शन के पीछे उनकी बताई एक वजह तो सब जानते हैं कि धोनी अपने पोस्ट रिटायमेंट के लिए अभी से तैयार कर रहे हैं।

धोनी खुद यह कह चुके हैं कि वे किसी भी स्टम्प पर यह मार्क नहीं करते कि वह किस जीत की निशानी है। वे रिटायरमेंट के बाद अपने पुराने मैच देख-देख कर इन पर उस अचीवमेंट को लिखना चाहते हैं। दर असल इस स्टम्प्स कलैक्शन के पीछे की असली स्टोरी यह नहीं है।

स्कूल के दिनों में धोनी का कुलबिंदर सिंह नाम का एक बेस्ट फ्रेंड हुआ करता था। कुलबिंदर सिंह स्कूल के वॉचमैन का बेटा था और ऐसा माना जाता है कि धोनी को क्रिकेट की तरफ प्रोत्साहित करने वाला यही दोस्त था। कुलबिंदर खुद कभी क्रिकेट में ऊंचाईयों तक नहीं पहुंच पाया, लेकिन धोनी ने इतिहास रचे।

कहते हैं कि धोनी के इस दोस्त ने उनसे कभी भी पैसे लेना स्वीकार नहीं किया, लेकिन एक बात जरूर कही कि उसे अपने घर के बाहर फेंस लगाने के लिए 320 क्रिकेट स्टम्प्स की जरूरत है। धोनी ने कभी अपने इस दोस्त का जिक्र नहीं किया और ना ही स्टम्प्स कलेक्शन के इस असली मकसद के बारे में कभी बताया, लेकिन यह स्पष्ट है कि अपने बेस्ट फ्रेंड को वे इससे बेहतर तोहफा नहीं दे सकते थे।

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