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हैडफोन्स पर लिखा आर और एल का मतलब राइट व लैफ्ट नहीं होता, यहां जानें सच

न दिनों स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाला हर व्यक्ति हैडफोन्स का इस्तेमाल करता है। हममें से ज्यादातर लोग हैडफोन के ईयरपीस पर लिखे आर और एल को देखकर उसे राइट और लैफ्ट कान में लगा लेते हैं। हालांकि आपको जानकर हैरानी होगी कि हैडफोन पर लिखे आर और एल का मतलब राइट और लैफ्ट तो बिल्कुल नहीं होता। इसका मतलब कुछ और है।

दरअसल हैफोंस पर लिखे आर और एल का अर्थ साउंड इंजीनियरिंग से लेकर इंजीनियरिंग से जुड़ा होता है। यह लिखे जाने की सबसे पहली वजह होती है रिकॉर्डिंग। अगर स्टीरियो रिकॉर्डिंग के समय कोई साउंड बाईं तरफ से आ रही है, तो आपके हेडफोन के लेफ्ट चैनल में यह अधिक तेज सुनाई देगी, जबकि राइट चैनल में थोड़ी धीमी सुनाई देगी।

आपने ध्यान दिया हो तो जब आप हैडफोन लगाते हैं तो आपको अलग अलग तरह की आवाजें दोनों ओर से आती हैं। यह इसलिए भी लिखा होता है ताकि इससे दोनों के बीच के अंतर की पहचान की जा सके। साथ ही इसकी साउंड में किसी तरह की कोई मिक्सिंग न हो इसलिए इसकी पहचान के लिए ये लिखा जाता है।

हर फिल्म में सटीक साउंड रिकॉर्डिंग के लिए लैफ्ट और राइट चैनल होता है। जब आप थिएटर या लैपटॉप पर कोई फिल्म देखते हैं तो लेफ्ट साइड से आने वाली आवाज आपके लेफ्ट कान को पहले सुनाई देती है, फिर वह राइट साइड पहुंचती है। इसी वजह से हैडफोन पर आर और एल लिखा होता है।