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पहला दोहरा शतक जमाते समय Virat Kohli के मन में चल रही थी ये बात

टेस्ट टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने वेस्ट इंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट में पहला दोहरा शतक जमाया है। यह दोहरा शतक उनके लिए बेहद खास है। कोहली ने इंटरव्यू में इस शतक और शतक के दौरान अपनी मानसिक स्थित के बारे में खुलकर बात की।
कोहली ने बताया, ‘मैं हमेशा से ही दोहरा शतक लगाना चाहता था। यहां यह सपना पूरा करके मुझे बहुत संतोष मिल रहा है। खासकर पिछले कुछ मैच में बड़ा स्कोर मिस किया था, लेकिन मैं जानता था कि मैं यह कर सकता हूं।’
कोहली ने बताया, ‘नई गेंद के साथ वेस्ट इंडीज के गेंदबाज अच्छी गेंदबाजी  कर रहे थे और हमे रन कम मिल रहे थे। बल्लेबाजी करने जाने से पहले चेंजिंग रूम में ही मैंने ये सोच लिया था कि मैं पॉजिटिव होकर मैदान में जाऊंगा और उसका फायदा भी मिला। स्कोर बोर्ड पर रन बढऩे लगे। मुझे यह पता था कि अगर मैं लंबे समय तक क्रीज पर जमा रहा तो टीम के लिए जरूरी रन जमा कर सकूंगा।’
बल्लेबाजी के प्रेशर के बारे में कोहली ने कहा, ‘जब आप बल्लेबाजी नहीं कर रहे होते हैं तब आप पर ज्यादा प्रेशर होता है, खासकर जब आप चेंज रूम में होते हैं और लोगों से बात कर रहे होते हैं। लोग आपको बताते हैं कि उन्हें आपसे क्या उम्मीदे हैं। मुझे लगता है कि यह सब प्रेशर देता है, लेकिन जब मैं मैदान पर बल्लेबाजी करने पहुंच जाता हूं तब मैं बहुत शांत होता हूं, क्योंकि यहां मुझे लोगों से बात नहीं करनी होती है और न ही उनकी उम्मीदों को सुनना होता है। मैदान पर मैं अपने मूड को समझता हूं और उसके हिसाब से खेलता हूं। हालांकि लोग अगर मुझसे उम्मीदें करते हैं तो मैं उन्हें ब्लेसिंग्स की तरह ही देखता हूं, आखिर वो लोग मुझसे प्यार करते हैं और चाहते हैं कि मैं अच्छा प्रदर्शन करूं। मैं हमेशा से ही इस पोजीशन में रहना चाहता था, इसलिए मुझे किसी से कोई शिकायत नहीं है, बल्कि खुशी होती है।’
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