दिल्ली हिंसा: केजरीवाल ने की सेना तैनात करने की मांग, गृह मंत्रालय ने खारिज कर दिया ये जबाब

Delhi violence Kejriwal demands deployment of army, Home Ministry rejects this reply

दिल्ली में नागकिता संशोधन कानून के लेकर हो रही हिंसा की घटनाओं को देखते हुए में दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में सेना उतारने की मांग की है वही गृह मंत्रालय ने इसका जबाब देते हुए कहा है कि सेना के तैनाती की फिलहाल कोई जरूरत नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार इससे पहले मंगलवार को अर्धसैनिक बलों की 35 कंपनियों को विशेष सेल, अपराध शाखा और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के अधिकारियों के साथ पूर्वोत्तर दिल्ली में तैनात किया गया है। संवेदनशील कानून व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के विभिन्न जिलों से स्थानीय पुलिस को भी बुलाया गया है।

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मुख्यमंत्री अरविदं केजरीवाल ट्वीट कर लिखा, ”तमाम कोशिशों के बावजूद दिल्ली पुलिस हिंसा को काबू करने में नाकाम रही है। ऐसे में हिंसा वाले क्षेत्र में सेना की तैनाती होनी चाहिए।” उन्‍होंने आगे लिखा, ”मैं लगातार दिल्ली में कई लोगों से संपर्क में हूं। अभी हालात तनावपूर्ण हैं। पुलिस अपनी तमाम कोशिशों के बावजूद माहौल नहीं संभाल पा रही है। ऐसे में अब सेना को बुलाना चाहिए और प्रभावित इलाकों में कर्फ्यू लगा देना चाहिए। मैं इस बारे में केंद्रीय गृह मंत्री को चिट्ठी लिख रहा हूं।”

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मंगलवार देर रात उत्तर पूर्वी दिल्ली में हालात का जायजा लिया, क्योंकि उन्होंने सीलमपुर, जाफराबाद, मौजपुर और गोकुलपुरी चौक इलाकों का दौरा किया। उन्होंने मीडिया से कहा कि लोगों को दिल्ली पुलिस की क्षमताओं पर भरोसा करना चाहिए और सवाल नहीं उठाने चाहिए। ‘लोग दिल्ली पुलिस की क्षमताओं और इरादों पर संदेह कर रहे थे,’ उन्होंने कहा। “इसे संबोधित करने की आवश्यकता है। लोगों को वर्दी में आदमी पर भरोसा करने की जरूरत है। ”