Corona Virus : दुनिया पर 1918 की महामारी से ज्यादा भयानक होगा असर

नई दिल्ली: कोरोना वायरसः दुनिया पर1918 की महामारी से ज्यादा भयानक होगा असर। कोरोना वायरस को लेकर दुनियाभर के विशेषज्ञों में बहस छिड़ गयी है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है चीन के वुहान से शुरू हुई यह बीमारी स्कूल-कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर लगी पाबंदी हटते ही महामारी की शक्ल ले सकती है। यह दुनिया की अब तर की सबसे खतरना महामारी में से एक है। मिशिगन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मर्केल का कहना है कि कोरोना 1892 में जर्मनी में फैले हेजा से ज्यादा खतरनाक हो सकती है।

कोरोना बेहद खतरनाक वायरस है क्योंकि यह वायरस हवा से भी फैल सकता है। वायरस कितना खतरनाक और गंभीर है। मर्केल जैसे कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि चीन में प्रभावित क्षेत्र में स्कूल, दफ्तर व मॉल खुलने से महामारी और फैल सकती है। मर्केल कहते हैं, ‘हर वायरस अलग होता है।’ उन्होंने कहा, ‘पुरानी महामारियों ने जो मुझे सिखाया वह यह कि जो उनके आधार पर भविष्य का अनुमान लगाता है वह या तो मूर्ख है या झूठ बोलता है।’ तीन महीने से भी कम वक्त में इसने हजारों लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है और अब तक अकेले चीन में करीब 2000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि कोरोना के निदान के लिए कोई वेक्सिनेशन भी मौजूद नहीं है। कोरोना से चीन ही नहीं दूसरे देशों में भी मौतें हो रही हैं। यह चिंता का विषय है।

मर्केल 1892 में जर्मनी में फैले हैजा की घटना को याद करते हैं, जब इस यूरोपीय देश ने शुरुआत में इस खबर को दबाए रखा, जिसके कारण यह व्यापक स्तर पर फैल गया। हैजा से जर्मनी के हमबर्ग में 8 हजार लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद इस बीमारी ने न्यू यॉर्क में भी दस्तक दे दी। मर्केल कहते हैं कि महामारी काफी महंगी भी पड़ती है क्योंकि इससे व्यापार रुक जाता है, इससे दुनिया की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचता है।

चाइनीज सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल ऐंड प्रीवेन्शन के एक अध्ययन में कहा गया है कि भले ही नए मामले में कमी आई हो , लेकिन जैसे ही इकॉनमी रिस्टार्ट होगी, यह फिर फैलेगा। कोरोना के भय से लूनर न्यू ईयर छुट्टी बढ़ा दी गई है और वर्कप्लेस को बंद कर दिया गया है।

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