Times Bull
News in Hindi

GST : आप न करें जीएसटी के बारे में इन 8 झूठ पर विश्वास

8 false propaganda about GST and the truth

 

यानी कि 1 जुलाई से लागू होने जा रहा है। इसे लेकर लोगों में कई तरह के भ्रम फैलाए जा रहे हैं। कुछ लोग तो की आड़ में अपना मुनाफा करने में जुटे हैं। हाल ही बिल्डरों ने प्रचार किया कि के बाद चीजें महंगी होंगी इसलिए मकान लेने वाले लोग पहले ही पेमेंट कर दें। हम आपको बताने जा रहे हैं से जुड़े ऐसे 8 झूठ के बारे में जिन पर आपको बिल्कुल भरोसा नहीं करना चाहिए।

झूठ नंबर 1 – महंगे होंगे फ्लैट

जिन फ्लैट्स का अभी कंस्ट्रक्शन चल रहा है, उन्हें बुक करने वाले ग्रहकों से बिल्डर्स यह कहकर पूरी पेमेंट करने को कह रहे हैं, कि बाद में उन्हें ज्यादा टैक्स देना होगा। हम आपको बता दें कि बिल्डर्स के इस झांसे में न अएं। अभी इन पर राज्य और केंद्र सरकार जो टैक्स लगाती है, उसके मुकाबले जीएसटी का रेट कम है। एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि होने के बाद फ्लैट्स की कीमतें कम हो सकती हैं।

झूठ नंबर 2 – हर महीने भरनी होंगी तीन रिटर्न

डोटे कारोबारियों को डर है कि जीएसटी से उन्हें एक महीने में तीन रिटर्न भरनी होंगी। इतनी कागजी कार्रवाई से उनके लिए मुश्किल खड़ी होगी। के एडिशन सेक्रेटरी अरुण गोयल ने बताया कि कारोबारियों को केवल जीएसटी रिटर्न 1 फाइल करनी होगी, रिटर्न2 और 3 खुद ही जनरेट हो जाएंगी। इसके बाद अगर रिटर्न 2 और 3 में अगर कुछ गायब है, तो ही कारोबारी को इसे फाइल

करना होगा।

झूठ नंबर 3 – बढ़ेगी महंगाई

भ्रम फैलाए जा रहे हैं कि जीएसटी आने से महंगाई बढ़ जाएगी। रिजर्व ऑफ इंडिया की ओर से एक बयान में कहा जा चुका है कि जीएसटी से महंगाई की दर पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बल्कि इससे कुछ चीजों के दाम कम होंगे।

झूठ नंबर 4 – इनवॉइस बनाने में होगी परेशानी

कारोबारियों में भ्रम है कि उन्हें जीएसटी इनवॉइस एक तय फॉर्मेट में ही बनाना होगा और इनवॉइस बनाना भारी काम हो जाएगा। यह सही नहीं है। जीएसटी टैक्सपेयर इनवॉइस का डिजाइन और फॉर्मेट बनाने के लिए आजाद हैं। हालांकि इसमें उन्हें कुछ जरूरी कैटेगरी शामिल करनी होंगी।

झूठ नंबर 5 – ग्राहकों को नहीं मिलेगा फायदा

यह तो सब जानते हैं कि जीएसटी आने से कई उत्पादों पर टैक्स की दरें कम हो जाएंगी। ऐसा कहा जा रहा है कि इस लाभ ग्राहकों को नहीं मिल सकेगा। जबकि इस मामले में सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि कारोबारी को उसे मिलने वाली छूट या लाभ का हिस्सा ग्राहक तक पहुचाना ही होगा, नहीं तो उसका रजिस्ट्रेशन रद्द हो जाएगा।

झूठ नंबर 6 – पंजीकरण नहीं तो कारोबार नहीं

अफवाह है कि अगर किसी कारोबारी ने 1 जुलाई तक जीएसटी में पंजीकरण नहीं करवाया तो वह कारोबार नहीं कर पाएगा। ऐसा नहीं है। राजस्व सचिव हसमुख अढिया ने बताया कि जो व्यापारी पंजीकरण का प्रोसेस पूरा नहीं कर पाए हैं, वो परेशान न हों। जीएसटी लागू होने के बाद भी उनका कारोबार सामान्य रूप से ही चलता रहेगा।

झूठ नंबर 7 – डेटा नहीं होगा सुरक्षित

छोटे कारोबारियों के बीच भ्रम है कि उनके टर्नओवर, सेल्स और बिजनेस का डेटा टैक्स इंस्पैक्टरों के हाथ लग जाएगा और वह उनके प्रतियोगी को यह डेटा उपलब्ध करवा सकते हैं। ऐसा नहीं है। सरकार ने इस तरह के इंतजाम किए हैं, कि कारोबारियों की जानकारी सुरक्षित रहेगी।

 

झूठ नंबर 8 – लौटेगा इंस्पेक्टर राज

चर्चा है कि जीएसटी आने से इंस्पेक्टर राज लौट आएगा। मगर ऐसा संभव नहीं है। यह व्यवस्था पूरी तरह से ट्रांसपेरेंट है। यह ऑनलाइन प्रक्रिया है। शिकायत करने और उनका निपटान करने की व्यवस्था भी पूरी तरह से डिजिटलाइज्ड है।

रोचक और मजेदार खबरों के लिए अभी डाउनलोड करें Hindi News APP

Related posts

रोचक और मजेदार खबरों के लिए अभी डाउनलोड करें Hindi News APP

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Loading...