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7वां वेतन आयोग : अलाउंस समिति की रिपोर्ट के लिए करना होगा अभी और इंतजार

सातवां वेतन आयोग तो लागू हो गया है, लेकिन इसके तहत अलाउंस को लेकर हुए विवाद का समाधान मिलने में अभी और वsक्त लग सकता है। दरअसल इस विवाद को सुलझाने के लिए तीन ​समितियां बनाई गई ​थीं, इनमें से एक जिसके पास अलाउंस का मुद्दा था, उसने अपनी अंतिम निर्णायक बैठक कर ली है।

कहा जा रहा था कि समिति अपनी रिपोर्ट इस सप्ताह के अंत तक कैबिनेट को दो देगी, लेकिन सूत्रों की मानें तो समिति ने अभी तक रिपोर्ट को अंतिम रूप नहीं दिया है। बातचीत भले ही पूरी हो गई हो, लेकिन समिति को रिपोर्ट तैयार करने में समय लग रहा है। सूत्रों का कहना है कि अलांउस को लेकर रिपोर्ट तैयार करने में अभी 4 से 5 दिन का समय और लगेगा।

इस मुद्दे पर कर्मचारियों के नेता शिवगोपाल मिश्र ने बताया कि अलाउंस का मुद्दा, खासकर इसमें एचआरए का मुद्दा ज्यादातर कर्मचारियों को प्र​भावित करता है। उन्होंने बताया कि इस विवाद के चलते तीसरे और चौथे वर्ग के कर्मचारियों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारी वर्ग के केंद्रीय कर्मचारियों को एचआरए से ज्यादा परेशानी नहीं होती।

गौरतलब है कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत न्यूनतम वेतनमान से लेकर कई अलाउंस के मुद्दों पर कर्मचारियों की नाराजगी को देखते हुए सरकार ने समिति बनाकर उसका हल निकालना चाहा था। वित्त सचिव अशोक लवासा की अध्यक्षता में बनाई गई इस समिति की अब तक करीब 15 बैठकें हुईं और हाल ही 6 अप्रेल को अंतिम दौर की बातचीत खत्म हुई है।

ज्ञात हो कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों को दिए जाने वाले कई भत्तों को लेकर असमंजस की स्थिति है। नरेंद्र मोदी सरकार ने 2016 में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी देते हुए 1 जनवरी 2016 से इसे लागू किया था, लेकिन भत्तों के साथ कई मुद्दों पर असहमति होने के कारण इन सिफारिशें को पूरी तरह से लागू नहीं किया जा सका है।