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सुरक्षा डिपोजिट स्कीम गिफ्ट चैक जो बनाए “अपनों का कल सुरक्षित”

अब आप अपनों को गिफ्ट के रूप में वो चीज दे सकते हैं जो उनके भविष्य को सुरक्षित करेगी। जी हां, हम बात कर रहे हैं ऎसे गिफ्ट की जिसे पाकर आपके अपनों का भविष्य सुरक्षित बनेगा। केंद्र सरकार ने 201, 351 और 5001 के गिफ्ट चैक जारी किए हैं। इनमें से कोई भी या सभी गिफ्ट चैक खरीद कर आप अपनों को दे सकते हैं। ये अलग-अलग वैल्यू के गिफ्ट चैक विभिन्न सुरक्षा योजनाओं के लिए प्रीमियम राशि का काम करेंगे। इससे ना केवल उनको सीधे नकद राशि नहीं देनी होगी बल्कि उनका प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा जैसी योजनाओं में खाता भी खुल सकेगा।

सरकार द्वारा जारी 351 रूपए वैल्यू का “जीवन सुरक्षा गिफ्ट चैक” दो योजनाओं में शामिल होने के लिए पर्याप्त है। इस गिफ्ट चैक को बैंक शाखाओं में जमा करवाया जा सकता है। हालांकि जिसके नाम से इसे जमा करवाया जाना है उसका पहले से बैंक खाता होना आवश्यक है। 351 रूपए में से 330 रूपए प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) के खाते में जमा हो जाएंगे और 12 रूपए प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) में जमा हो जाएंगे। ये 351 रूपए दोनों योजनाओं के लिए एक साल की प्रीमियम राशि होंगे। हालांकि अगले साल योजना में बने रहने के लिए आपको फिर से इतनी ही राशि जमा करानी होगी।

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) 9 मई 2015 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लांच की थी। पीएमएसबीवाई योजना में 12 रूपए के सालाना प्रीमियम पर दुर्घटना और अंगभंग होने पर 2 लाख रूपए का बीमा दिया जाता है। जबकि पीएमजेजेबीवाई योजना में 330 रूपए के सालाना प्रीमियम पर जीवनभर के लिए 2 लाख रूपए का बीमा कवर दिया जाता है। इन दोनों योजनाओं में शामिल होने के लिए अंतिम तिथि को अब बढ़ा दिया गया है। अब 30 सितंबर, 2019 तक इन योजनाओं में पंजीकरण करवाया जा सकता है।

बैंकों ने सभी अकाउंट होल्डर्स के लिए सुरक्षा बीमा योजना लांच की है। इस योजना के तहत दो वैल्यू के गिफ्ट चैक लांच किए गए हैं। एक है 201 और दूसरा है 5001 रूपए वाला गिफ्ट चैक। 201 रूपए में से 24 रूपए प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) के दो साल के प्रीमियम (12+12=24 रूपए) के लिए काटा जाएगा। जबकि शेष 177 रूपए को फिक्स्ड डिपोजिट में डाल दिया जाएगा। यह फिक्स्ड डिपोजिट से मिलने वाले ब्याज को भविष्य में पीएमएसबीवाई योजना के प्रीमियम के रूप में स्वत: जमा कर लिया जाएगा। इससे पीएमएसबीवाई धारकों को लम्बे समय तक प्रीमियम जमा कराने की जरूरत नहीं होगी।

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना को आप 2 तरीकों से जारी रख सकते हैं। एक तरीका है- बीमा योजना को हर साल आप अपने बैंक जाकर रिन्यू करवाएं और इसका सालान प्रीमियम जमा करवाएं। या प्रीमियम हर बार अपने आप कट जाए पर आप पॉलिसी हर बार रिन्यू करवाएं। दूसरा तरीका है कि आप पहले ही यह तय कर लें कि आपको पॉलिसी कितने साल तक चाहिए। मसलन आप इस बीमा पॉलिसी को 2 साल या फिर 4 साल तक चाहते हैं, तो आप अपने फार्म में यह ऑप्शन ओके कर दें। इससे आपका सालाना प्रीमिमय अपने आप आपकी पॉलिसी के लिए काट लिया जाएगा।

भारत सरकार की ओर से प्रोत्साहित सार्वजनिक बैंकों और कई निजी बैंक प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना ऑफर कर रहे हैं। एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, कोटक महिन्द्रा, स्टेट बैंक्स, बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बैंक इस योजना में अपने ग्राहकों को जुडऩे का मौका दे रहे हैं। इन बैंकों ने अपनी क्षेत्रीय शाखाओं में अलग से इसके लिए काउंटर लगा रखे हैं। कुछ बैंक महज एसएमएस के माध्यम से भी बीमा दे रहे हैं।

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में अगर आप इस साल यानि कि 2015 में नहीं जुड़ पाते हैं, तो भी अगले 3 साल तक आप इस योजना का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि इसके लिए आपको ऑटो-डेबिट प्रीमियम कटौती के लिए बैंक को सहमति देनी होगी।

अगर आपके अलग-अलग बैंकों में खाते हैं, तो सभी खातों से प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से नहीं जुड़े। ऐसा करने से आपको अलग-अलग खातों के पैसे चुकाने होंगे, लेकिन अंतत: केवल एक ही खाते से बीमा योजना चलाने को कहा जाएगा। इसके चलते आपको अन्य खातों में जमा करवाई राशि से हाथ धोना पड़ेगा। योजना में जुडऩे के लिए आवश्यक दस्तावेज के रूप में आधार कार्ड मान्य होगा। हालांकि खाताधारकों को कोई अतिरिक्त दस्तावेज पेश नहीं करना होगा।

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना के अंतर्गत पॉलिसी में जमा कराया गया प्रीमियम आयकर की धारा 80सी के तहत टैक्स -फ्री होगा। इसके अलावा प्रोसीड अमाउंट भी आयकर की धारा 10(10डी) के तहत टैक्स-फ्री होगी।

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