8th Pay Commission Fitment Factor: इन दिनों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के मन में 8वें वेतन आयोग को लेकर तरह-तरह की बातें चल रही हैं. हर किसी के जेहन में यही सवाल है कि कब तक 8वां वेतन आयोग लागू किया जाएगा. 8वें वेतन आयोग के लागू होते ही केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी चीते की तरह छलांग लगाएगी, जिसका इंतजार बड़ी ही बेसब्री से किया जा रहा है. वैसे भी यह काफी हद तक फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगा. 3 नवंबर 2025 को वेतन आयोग के गठन के बाद से ही कर्मचारी संगठन फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. सैलरी बढ़ने का आधार फिटमेंट फैक्टर ही होगा.

जानिए क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?

8वें वेतन आयोग में भी सैलरी बढ़ने का आधार पिटमेंट फैक्टर ही होने जा रहा है. इसे एक तरह का गुणक भी कहा जाता है। इसका इस्तेमाल केंद्रीय वेतन आयोग कर्मचारियों की पुरानी या मौजूदा बेसिक सैलरी या पेंशन को नए वेतन ढांचे में बदलने के लिए काम करता है. इसकी शुरुआत छठे और सातवें वेतन आयोग के दौरान हुई थी. इससे पहले सैलरी बढ़ाने के लिए पे-रैशनलाइजेशन और डीए के मर्जर जैसे जटिल तरीकों का इस्तेमाल करने का काम किया जाता था.

कैसे काम करेगा फिटमेंट फैक्टर?

केंद्रीय कर्मचारियों को अपनी नई बेसिक सैलरी का अनुमान लगाने के लिए एक बेहद आसान फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें आपको 7वें वेतन आयोग का उदाहरण बताया जाता है. जैसे 7th CPC में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था.

इसके तहत छठे वेतन आयोग की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹7,000 को 2.57 से गुणा किया गया, जिससे न्यूनतम बेसिक पे बढ़कर 18,000 रुपये हो गी. (7000×2.57= 17990) जिसे राउंड ऑफ करके 18000 रुपये किया गया है.

कितना रह सकता फिटमेंट फैक्टर?

केंद्र सरकार की ओर से अभी तक 8वें वेतन आयोग को फिटमेंट फैक्टर पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगाई गई है. सूत्रों और विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह गुणक 2.28 से लेकर 3.83 के बीच रह सकता है.

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Vipin Kumar is an experienced journalist with 8 years in the media industry, having worked with prominent news platforms including Dainik Jagran and News24. Currently serving at Timesbull.com for almost...