हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग को लेकर मचा बवाल, दिख गया कयामत का मंजर, रमजान में घमासान

3 Min Read
There was a ruckus over the demand to make a Hindu nation, a scene of doom was seen, a ruckus in Ramzan
There was a ruckus over the demand to make a Hindu nation, a scene of doom was seen, a ruckus in Ramzan

नई  दिल्ली: नेपाल में राजशाही और हिंदू राष्ट्र (Hindu Rashtr) की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। शुक्रवार को राजधानी काठमांडू में लोग सड़कों पर उतरे और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सुरक्षा बलों के साथ झड़प में दो लोगों की मौत हो गई। कई जगहों पर आगजनी की गई। फिलहाल नेपाल सरकार ने सेना तैनात कर दी है और कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। आपको बता दें कि 2008 में भी नेपाल की जनता लोकतंत्र की स्थापना के लिए इसी तरह सड़कों पर उतरी थी। हालांकि लोकतंत्र के नाम पर कम्युनिस्ट सरकार सिर्फ चीन की समर्थक बन गई है।

लगातार प्रदर्शन हो रहे

राजशाही समर्थक संगठन एक बार फिर सड़कों पर उतर आए हैं और लोकतंत्र को हटाकर राजशाही की बहाली की मांग करने लगे हैं। नेपाल में पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह की वापसी के लिए लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। राजशाही खत्म होने के बाद से नेपाल में 10 सरकारें बन चुकी हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि किसी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पाया है। ऐसे में गठबंधन सरकार अपनी पार्टी के हितों के लिए पूरी तरह भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। केपी शर्मा ओली के शासनकाल में नेपाल के भारत से रिश्ते भी खराब होने लगे थे। अब लोगों का मानना ​​है कि मजबूत केंद्रीय नेतृत्व और लोगों का कल्याण राजशाही में ही संभव है। हिमालय की गोद में बसे इस छोटे से देश पर कभी विदेशियों ने आक्रमण नहीं किया।

बड़ी संख्या में हिंदू रहने लगे

ऐसे में इस देश में बड़ी संख्या में हिंदू रहने लगे। नेपाल में राजशाही का इतिहास 240 साल से भी ज्यादा पुराना है। राजशाही के दौरान नेपाल में कई राजा हुए जिनके शासन में जनता संतुष्ट थी। लोकतंत्र में भ्रष्टाचार और राजनीतिक अस्थिरता से लोग परेशान हो गए। ऐसे में लोगों को राजशाही की याद आने लगी है। पूर्व राजपरिवार भी लोगों के समर्थन में आ गया है। 19 फरवरी को पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह ने मोटरसाइकिल रैली निकाली।

1990 से राजा महेंद्र शाह और उनके बेटे वीरेंद्र शाह संवैधानिक राजा के तौर पर सरकार के साथ मिलकर काम करते रहे। 2001 में राजपरिवार में नरसंहार हुआ, जिसमें राजा वीरेंद्र शाह समेत परिवार के कई सदस्य मारे गए। 2005 में उन्होंने लोकतंत्र को खत्म कर दिया और सैन्य शासन लागू कर दिया। 2008 में राजशाही को खत्म कर दिया गया और नेपाल को गणतंत्र घोषित कर दिया गया।

ये भी पढ़ें: बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2025 का आने के बाद छा सकता मातम! जानें अपनी मेहनत का फल

Share This Article
I am an experienced anchor, producer, and content writer with a strong background in the media industry. Having worked with national channels, I bring a deep understanding of creating engaging and impactful content. My creative approach and professional expertise have helped me establish a solid reputation in the field of broadcasting and media production.
Exit mobile version