Edible Oil: कम हो रही है खाने के तेल की मांग,जानें क्या है इसके पीछे का कारण

Pal Rohit3 min read

Edible Oil: देश में खाने के तेल की बुआई काफी बढ़ गई है। ये जानकारी 27 जून के आंकड़ों के आधार पर दी गई है। खाने के तेल की बुआई तो बढ़ी,लेकिन तेल की मांग 2-3 महीनों से लगातार कम होती जा रही है। इस समय देश में हर व्यक्ति के लिए 18 किलो खाने के तेल की खपत है। इधर PM मोदी ने लोगों से अपील की थी कि वो 19 फीसदी खपत कम करें। वहीं मई और अप्रैल में इंपोर्ट में कमी आई।

इसे भी पढ़ें- Suji Paratha Recipe: सुबह के नाश्ते को बनाएं ख़ास,झटपट क्रिस्पी और टेस्टी पराठे की रेसिपी!

साल 2025 के अप्रैल महीने में खाने के तेल का इंपोर्ट 32 फीसदी कम हुआ। वहीं मई में खाने के तेल का इंपोर्ट 22 फीसदी कम हुआ। अभी आंकड़ों को देखें तो साल 2024 के दिसंबर महीने में 12.31 लाख टन खाने का तेल इंपोर्ट किया गया था। वहीं अप्रैल में 2025 में कम होकर 8.92 लाख टन हो गई थी और मई में 11.87 लाख टन तेल का इंपोर्ट हुआ था।

देश में सरसों के प्रोडक्शन पर गौर करें तो साल 2019-20 में 91.24 लाख टन सरसों का प्रोडक्शन किया गया था। वहीं साल 2020-21 में 102.10 लाख टन,साल 2021-22 में 119.63 लाख टन,साल  2022-23 में 126.43 लाख टन और साल 2024-25 में 126.06 लाख टन प्रोक्डशन किया गया।

इसे भी पढ़ें- Mango Peda Recipe: इस आसान रेसिपी से बनाएं रसीले मैंगो पेड़े,जो हर किसी को भा जाएंगे!

SEA ऑफ इंडिया के ईडी डॉ.बी. वी. मेहता के मुताबिक,अभीतक 50 फीसदी तक की बुआई की गई है। तेल की मांग कमी की वजह कीमतों में कमी आई। इसके आलावा पैकिंग के बदलाव के कारण तेल की मांग में कमी आई।

Latest News

Pal Rohit

Staff writer