8th Pay Commission Update: केंद्र सरकार के एक करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों और पेंशन पाने वाले रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से जिस आठवें वेतन आयोग का इंतजार किया जा रहा था, उससे जुड़ी प्रक्रिया अब तेज होती दिखाई दे रही है। नई दिल्ली में नेशनल काउंसिल जेसीएम की ड्राफ्ट कमेटी की अहम बैठक शुरू हो चुकी है। इस बैठक का मकसद वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़े मुद्दों पर एक साझा ज्ञापन तैयार करना है, जिसे वेतन आयोग के सामने रखा जाएगा।
आठवें वेतन आयोग का प्रोसेस कमाल
नई दिल्ली के जनपथ स्थित चंद्रलोक बिल्डिंग में आठवें वेतन आयोग को कार्यालय मिल चुका है। इसे आयोग की औपचारिक शुरुआत का संकेत माना जा रहा है। आयोग की अध्यक्षता पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। जेसीएम की ड्राफ्टिंग कमेटी लगभग एक सप्ताह तक विभिन्न कर्मचारी संगठनों से सुझाव लेकर चर्चा करेगी। कोशिश यह है कि सभी महत्वपूर्ण मांगों को एक साथ जोड़कर करीब 1.2 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनधारियों की ओर से मजबूत प्रस्ताव आयोग को सौंपा जाए।
फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन पर जोर
कर्मचारी संगठनों की सबसे बड़ी मांग फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने की है। मौजूदा समय में कर्मचारी 3.25 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर 54 हजार रुपये करने का प्रस्ताव भी सामने आया है। कर्मचारियों का कहना है कि महंगाई को देखते हुए यह बढ़ोतरी जरूरी है।
सालाना इंक्रीमेंट में बदलाव की मांग
फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को हर साल तीन प्रतिशत की दर से वेतन वृद्धि मिलती है। कर्मचारी महासंघ का सुझाव है कि इसे बढ़ाकर सात प्रतिशत किया जाए। कुछ संगठनों ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि कर्मचारियों को साल में दो बार इंक्रीमेंट का लाभ दिया जाए, ताकि उनकी आय में वास्तविक बढ़ोतरी दिखे।
पुरानी पेंशन योजना पर फिर चर्चा
नई पेंशन योजना की जगह पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग भी इस बैठक में अहम मुद्दा है। कर्मचारी संगठन लंबे समय से ओल्ड पेंशन स्कीम की वापसी की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी।
मेडिकल अलाउंस और लीव एन्कैशमेंट में बढ़ोतरी
जहां केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां मिलने वाला फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस अभी 1,000 रुपये प्रतिमाह है। कर्मचारी संगठन इसे बढ़ाकर 20,000 रुपये करने की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि इलाज का खर्च काफी बढ़ चुका है। इसके अलावा लीव एन्कैशमेंट की सीमा को 300 दिन से बढ़ाकर 400 दिन करने का सुझाव दिया गया है, ताकि लंबी सेवा करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त लाभ मिल सके।
जानें आगे क्या होगा
ड्राफ्ट कमेटी सभी सुझावों को अंतिम रूप देकर संयुक्त ज्ञापन तैयार करेगी। इसके बाद यह दस्तावेज आठवें वेतन आयोग की अध्यक्ष रंजना प्रकाश देसाई को सौंपा जाएगा। कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार इन सिफारिशों पर गंभीरता से विचार करेगी और महंगाई के दौर में उन्हें राहत देने के लिए जल्द कोई बड़ा फैसला ले सकती है। अब सभी की नजर केंद्र सरकार के अगले कदम पर टिकी है।
