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जानलेवा तो नहीं है बाजार का अचार

अचार को भारतीय खानपान का अहम हिस्सा माना गया है। यह खाने का जायका बढ़ाता है लेकिन ज्यादा मात्रा में इसे खाने से शरीर को कई बार दिक्कत भी हो सकती है। आइए जानते हैं इसके फायदे और नुकसान के बारे में।

तब करें परहेज

ऐसे लोग जिन्हें हृदय संबंधी समस्या हो, ब्लड प्रेशर अनियंत्रित रहता हो, 10 साल से छोटे बच्चों और 50 साल से अधिक उम्र के लोगों को अचार से परहेज करना चाहिए।

कैमिकल से खतरा

बाजार के अचार को फौरन गलाने के लिए इसमें काफी मात्रा में सिरके का प्रयोग किया जाता है जो हमारी हड्डियों को नुकसान पहुंचाता है। अचार को सुरक्षित रखने के लिए सोडियम बेंजोएंट नामक कैमिकल का इस्तेमाल किया जाता है। इससे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और चेहरे पर फुंसियां होने लगती हैं।

घटती है इम्युनिटी

बाजार वाले अचार में तेल की गुणवत्ता का भी ध्यान नहीं रखा जाता। कई बार किसी पुराने अचार का ही तेल नए अचार में इस्तेमाल कर लिया जाता है। जिससे हृदय रोगों और कोलेस्ट्रॉल की समस्या हो सकती है।

सही तरीका

अचार हमेशा ताजा होना चाहिए क्योंकि ज्यादा दिनों तक रखने से इसमें मौजूद पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। इसलिए घर का बना अचार ही खाएं। घर पर अचार बनाते समय इसमें नमक और तेल कम मात्रा में प्रयोग करें। रोजाना अचार की 5-8 ग्राम मात्रा (एक छोटी फांक) ही खाएं। आम, आंवला, नींबू, कच्ची हल्दी, गाजर व मिक्स अचार फायदेमंद होता है।

महिलाएं ध्यान रखें

अक्सर महिलाओं को माहवारी के दिनों में अचार खाने से मना किया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार इसमें प्रयोग मसाले जैसे कलौंजी, लौंग, कालीमिर्च, सौंठ आदि की तासीर गर्म होती है जिससे उन दिनों में रक्तस्राव ज्यादा हो सकता है इसलिए इस दौरान अचार खाने से परहेज करना चाहिए। अचार को सुरक्षित रखने के लिए सोडियम बेंजोएंट नामक कैमिकल का इस्तेमाल किया जाता है।

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