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Mental Health: जानिए स्ट्रेस और एंग्जायटी में क्या है अंतर? जान लेंगे तो नहीं होंगे परेशान

नई दिल्लीआजकल के बिजी लाइफ में स्ट्रेस और एंजाइटी का होना आम हो गया है। हर कोई अपने करियर, अपने रिश्ते फैमिली या छोटी सी छोटी बात को लेकर स्ट्रेस फील कर रहे हैं चाहे वह बच्चा हो या बुजूर्ग, सभी कोई अपने जीवन में कहीं ना कहीं किसी न किसी रूप से परेशान हैं। लेकिन इ सब के बाद यह समझना बहुत ज्यादा जरूरी है कि स्ट्रेस या तनाव में, नेगेटिव नहीं होता है यह आपको आपके लक्ष्य को पूरा करने में मदद करती है, वहीं अगर बात की जाए एंजाइटी की तो यह आपको मेडिकल सहायता की आवश्यकता के बारे में बताता है।

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 क्या होते हैं इनके लक्षण 

स्ट्रेस होने पर कुछ समय तक ही आपको स्ट्रेस महसूस होगा। जब तक आपका काम पूरा ना हो जाए, जब काम पूरा हो जाए तो स्ट्रेस खत्म हो जाता है। इसके लक्षणों में हर वक्त बेचैनी, महसूस करना, सर में दर्द होना, हाई ब्लड प्रेशर की समस्या बनी रहती है, नींद में कमी, हाथ का कांपना यह कारण हो सकते हैं।

 यही एंजाइटी होने पर इसका कारण पता लगाना मुश्किल हो जाता है, स्ट्रेस आपके सिचुएशन के ठीक होने के बाद खत्म हो जाता है, लेकिन एंजाइटी में ऐसा नहीं होता है क्योंकि यह लंबे समय तक बने रहता है।

 एंजाइटी का हेल्थ पर क्या असर पड़ता है 

अगर आपको एंजाइटी हुई है तो इसका असर आपके शरीर पर भी पड़ेगा। आप बीमार हो सकते हैं, पैनिक अटैक आ सकती है।  एंजाइटी के कारण आपकी मांसपेशियां टाइट होने लगती हैं, पसीने छूटते हैं एवं मसूड़े के आसपास जकड़न बनने लगती है। स्ट्रेस एक तनाव होता है जबकि एंजाइटी में किसी चीज का डर जो आपके मन में धीरेधीरे घर कर लेते हैं यह काल्पनिक भी हो सकती है।

 कैसे पाएं इससे छुटकारा

एंजाइटी से बचने के लिए आपको मेडिटेशन योगा करने की आवश्यकता है। आपको अपने मांसपेशियों को रिलैक्स करने की के लिए एक्सरसाइज और मसाज करना चाहिए। सही खानपान का सेवन करें, पॉजिटिव एटीट्यूड रखें और अपने आपको मोबाईल या डिजिटल स्क्रीन से थोड़ा दूर रखें, क्योंकि यह भी एक महत्वपूर्ण कारण बना हुआ है। एंजाइटी से राहत पाने के लिए आपको मनोचिकित्सक से परामर्श लेनी चाहिए, साइकैट्रीस से परामर्श लेना  शर्म की बात नहीं है। इससे बचने के लिए जितना हो सके आप व्यस्त रहेंगे आपका मन किसी बात के बारें में सोचेगी नहीं और किसी ओर नहीं  भटकेगा और दिमाग को शांत रखने के लिए आपको मेडिटेशन का सहारा लेना चाहिए या फिर आप ऑनलाइन मोटिवेशनल टॉक भी सुन सकते हैं।

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