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जानिये किस महामारी की चपेट में आ गया है अमेरिका

अमेरिका के तकरीबन हर राज्‍य में मरीजों की तादाद बढ़ रही है और अब तक 20 बच्‍चों की मौत भी हो चुकी है
टीम दुनिया में स्‍वाइन एच1एन1 फ्लू यानी स्‍वाइन फ्लू का प्रसार अमेरिका से ही हुआ था ये तो सभी जानते हैं मगर अब अमेरिका एक दूसरे फ्लू की चपेट में आ गया है। अमेरिका की सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रि‍वेंशन (सीडीसी) ने एच3एन2 फ्लू को महामारी घोषित कर दिया है। न्‍यूमोनिया और फ्लू से पीड़ि‍त लोगों के अस्‍पताल में भर्ती होने की दर लगातार बढ़ती जा रही है और सीडीसी ने आने वाले कुछ सप्‍ताहों में इस बीमारी में और बढ़ोतरी की आशंका जताई है।हर साल फैलता है फ्लू दरअसल अमेरिका में सर्दियों में इंफ्लूएंजा का प्रसार हर वर्ष होता ही है मगर इस वर्ष इस बीमारी ने जल्‍दी दस्‍तक दे दी है और वर्तमान में यह बीमारी जोर पकड़ चुकी है।

अमेरिका में इस वर्ष इस बीमारी के सीजन की शुरुआत करीब एक महीने पहले ही हो चुकी है और देश के अधिकांश राज्‍य इसकी चपेट में आ चुके हैं। एक अक्‍टूबर से लेकर अबतक अमेरिका में फ्लू के कारण 20 बच्‍चों की मौत हो चुकी है और इसमें से सात मौतें पिछले सप्‍ताह हुई है।कई राज्‍यों में स्‍कूल बंद अमेरिका के न्‍यूयॉर्क सिटी, अल्‍बामा, एरिजोना, अरकांसस, कैलिफार्निया, कोलरेडो, ज्‍यॉर्जिया, इलिनोइस, इंडियाना, केंसास, केंटुकी, लुइसियाना, मिसिसीपी, मिसौरी, नेब्रास्‍का, नेवादा, न्‍यू जर्सी, न्‍यू मैक्सिको, ओहायो, ओकलाहोमा, ओरेगॉन, साउथ कैरोलीना, टैक्‍सास, वर्जिनिया, वाशिंगटन, वेस्‍ट वर्जिनिया और वायोमिंग राज्‍यों में फ्लू की गतिविधियां तेज हैं। अल्‍बामा, नॉर्थ कैरोलीना, टैक्‍सास और टेनेसी जैसे कुछ राज्‍यों में तो फ्लू की महामारी के कारण स्‍कूलों को बंद करना पड़ा है।

फ्लू के लक्षणों के शुरुआती 48 घंटे में कुछ एंटीवायरस दवाएं देने की अनुमति और सलाह दी गई है जिनके जरिये उच्‍च जोखिम वाले मरीजों में बीमारी के कारण गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकता है। पांच साल से छोटे बच्‍चे और 65 साल से बड़ी आयु के लोग उच्‍च जोखिम वाले समूहों में शामिल किए गए हैं।क्‍या है एच3एन2 फ्लू इंफ्लूएंजा एच3एन2 अमेरिका में साल के इस समय फैलने वाला सबसे आम फ्लू है और यह गंभीर रूप ले लेता है। एच3एन2 कई बीमारियों, हॉस्‍पीटलाइजेशन और कई मौतों का कारण है।

इससे बचने के लिए इंफ्लूएंजा का टीका लगाना एक उपाय है मगर परेशानी की बात यह है कि साल के इस मौसम में ये टीका भी उतना असरकारक नहीं होता है क्‍योंकि ये दूसरे तरह के वायरस के लिए बनाया गया है। ऑस्‍ट्रेलिया में हुई एक स्‍टडी के अनुसार इस साल ये टीका सिर्फ 10 फीसदी असरकारक है। इसके बावजूद टीका लगाने की सलाह दी जा रही है क्‍योंकि फ्लू का सीजन महीनों रहने वाला है और टीके को असर शुरू करने में भी कम से कम एक सप्‍ताह का वक्‍त लग जाता है।

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