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मध्यप्रदेश में तेंदूपत्ता संग्राहकों को बांटे गए जूते-चप्पल में त्‍वचा कैंसर फैलाने की आशंका वाला रसायन होने का आरोप

मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री चरण पादुका योजना के तहत तेंदूपत्ता संग्राहकों को बांटे गए जूते-चप्पल से स्किन कैंसर का खतरा होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने 27 अगस्‍त को कहा कि वह अपने स्तर पर प्रयोगशाला में इसकी जांच कराने के बाद इस मामले में उचित कानूनी कदम उठाएगी। प्रदेश कांग्रेस की मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया है कि इस योजना के तहत तेंदूपत्ता संग्राहकों में बांटे गए जूतों के इनर सोल में स्किन कैंसर पैदा करने वाला हानिकारक रसायन ‘एजो डाइ’ मिला हुआ है। उन्होने कहा, ‘कांग्रेस अपने स्तर पर इसकी प्रयोगशाला जांच के बाद इस मामले में उचित कानूनी कार्रवाई करेगी।’ पत्रकार वार्ता में लगभग एक दर्जन आदवासी तेंदूपत्ता संग्राहक भी उपस्थित थे, जिन्होंने कहा कि सात से दस दिन तक इन जूते-चप्पलों का उपयोग करने के बाद उन्हें खुजली होने लगी और इसके बाद उन्होंने इसका उपयोग बंद कर दिया। ओझा ने कहा कि इस योजना में सरकार द्वारा जूते-चप्पलों की खरीदी में बड़ा भ्रष्टाचार भी हुआ है तथा ई- टेंडरिंग के बजाय मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम के जरिये 195 रुपये में प्रति जोड़ी जूते तथा 131 रुपये में प्रति जोड़ी चप्पल खरीदी गई है, जबकि इनकी गुणवत्ता घटिया होने के साथ-साथ जूते चप्पलों पर उत्पादक का नाम तक दर्ज नहीं है।

ओझा ने मांग की, ‘शिवराज सरकार आदिवासियों को कैंसर के ख़तरे से बचाने के लिय शीघ्र ही अब तक बाँटे गये सारे जूते-चप्पलों को वापस ले और सारे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराए।’ गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ‘चरण पादुका योजना’ की शुरुआत छत्तीसगढ़ के बीजापुर में इस साल 14 अप्रैल को एक आदिवासी महिला को अपने हाथों से मंच पर चप्पल पहनाकर की थी। इस योजना के तहत देश में तेंदूपत्ता बीनने वालों को चप्पलें एवं जूते दिए जाने हैं, जिससे वह जंगलों में आसानी से चल सकें। इसी के तहत मध्यप्रदेश में 19 अप्रैल से चरण-पादुकाएं दी जा रही हैं। प्रदेश के वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार के अनुसार राज्य शासन ने तेन्दूपत्ता संग्राहकों की सुविधा के लिए 18 लाख से अधिक जूते-चप्पल का वितरण किया है। ये जूते-चप्पल अच्छी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के बाद ही वितरित किए गए हैं। इनमें स्किन कैंसर पैदा करने वाला हानिकारक रसायन नहीं है। शेजवार ने कहा कि परीक्षण के लिए जो सैंपल भेजे गए थे उसमें 2 लाख जूतों का लॉट इनर-सोल में ‘एजो डाइ’ की मात्रा अधिक पाए जाने पर रिजेक्ट किया जा चुका है। कंपनी को इनर-सोल बदलने के आदेश दिए जा चुके हैं। इनर सोल बदलने के बाद जूतों का पुन: परीक्षण भारत सरकार की संस्थाओं की लेबोरेटरी में करवाने के बाद ही जूतों का वितरण किया जाएगा।

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