वायरल बुखार से बचने के लिए जरूर करें ये घरेलू उपचार

मौसम में बदलाव के कारण इस समय वायरल बुखार जोर पकड़ रहा है। वायरल बुखार एक एक्यूट वायरल संक्रमण है जिसमें संक्रमित विषाणु शरीर में तेजी से फैलते हैं और कुछ ही दिनों में पूरी तरह खत्म भी हो जाते हैं। आपको बता दें कि वायरल बुखार एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में छींकने या खांसने से फैलता है। इसके अलावा यह शारीरिक संपर्क से भी फैल सकता है।

वायरल बुखार या वायरल फ्लू में सिर्फ बुखार, खांसी और जुकाम के लक्षणों को ही नियंत्रित करना होता है। वैसे तो वायरल फीवर के लक्षण आम फीवर के जैसे ही होते हैं। इसमें भी गले में दर्द, थकान, खांसी आदि होता है। हालांकि इसे नजरअंदाज करना अच्छा नहीं है। जिन लोगों की प्रतिरक्षा क्षमता कमजोर होती है, उन्हें वायरल फीवर होने की संभावना ज्यादा रहती है।

अपनाएं ये घरेलू उपचार

तुलसी का काढ़ा

तुलसी में एंटी बायोटिक और एंटी बैक्टिरियल गुण वायरल फीवरी के लक्षणों से राहत दिलाने में मदद करते हैं। तुलसी के 20 पत्तों को एक लीटर पानी में एक चम्मच लौंग पाउंडर डालकर तब त उबालें जब तक कि वह सूखकर आधा न रह जाए। इसे छान लें और हल्का ठंडा होने दें। फिर दो घंटे के अंतराल में इसे पीएं।

मेथी का पानी

एक कप पानी में एक बड़ा चम्मच मेथी के दाने रात भर के लिए भिगो दें। अगले दिन इसको छानकर निश्चित अंतराल में इसका सेवन करें। सुुबह मेथी के दाने, नींबू का रस और शहद के मिश्रण का सेवन करने से भी बुखार में राहत मिलती है।

सूखा अदरक

अदरक में एंटी इंफ्लैमटोरी और एंटी ऑक्सिडेंड होते हैं। यह बुखार के लक्षणों से राहत दिलाते हैं। सूखा अदरक, एक छोटा चम्मच हल्दी और एक छोटा चम्मच काली मिर्च का पाउडर और थोड़ी सी चीनी एक कप पानी में डालकर तब तक उबालें जब तक कि सूखकर आधा न हो जाए। दिन में चार बार इस काढ़े को पीने से बुखार में राहत मिलती है।

सोआ का काढ़ा

सोआ फल्वेनॉयड और मोनोटर्पीन के गुणों से भरपूर होता है जिससे बुखार में राहत मिलती है। एक कप पानी में एक बड़ा चम्मच साओ के दाने, एक छोट चम्मच काली मिर्च और एक छोटा चम्मच कलौंजी डालकर दस मिनट तक उबालें। उबलने के बाद एक कप में छान लें और उसमें एक चुटकी दालचीनी व पाउडर डालकर अच्छी तरह से मिला लें। काढ़ा पीने से बुखार सें राहत मिलेगी।

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