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गर्मियों में ये उपाय बचाएंगे सन बर्न से

सन बर्न होने की दशा में कभी भी त्वचा पर बर्फ का इस्तेमाल न करें
गर्मी की चिलचिलाती धूप में यदि सबसे अधिक किसी बीमारी का खतरा धूप में निकलने वालों पर मंडराता है तो वह है त्वचा संबंधी रोग सन बर्न का। दरअसल सूर्य से निकलने वाली अल्‍ट्रा वायलेट किरणें सन बर्न का मूल कारण हैं। दिन में 10 बजे से लेकर 2 बजे तक इन किरणों का प्रकोप सर्वाधिक होता है। इसलिए इस दौरान सूर्य की सीधी किरणों से बचना जरूरी है।लक्षण सन बर्न के लक्षण हैं त्वचा का लाल हो जाता और उसमें दर्द की शिकायत। त्वचा पर खुजली के बनिस्पत दर्द अधिक होता है। इसके अलावा चकते भी पड़ सकते है जिनमें पानी भर जाता है। यदि गर्मियों में त्वचा पर सन बर्न का हमला हो तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें। लेकिन कुछ उपायों के जरिये इस स्थिति से बचाव हो सकता है।क्रीम एलोपैथी चिकित्सक इसके लिए धूप से बचाव वाली क्रीम की सलाह देते हैं।

मगर इस तरह की क्रीम का चुनाव बेहद सावधानी से करना होता है। महतवपूर्ण तथ्य यह है कि धूप में निकलने से ठीक पहले यदि यह क्रीम लगाई जाए तो कोई फायदा नहीं होता। बाहर निकलने से करीब 20 से 30 मिनट पहले इसे लगाना चाहिए। दूसरी बात यह है कि कुछ लोग सिर्फ चेहरे पर यह क्रीम लगाते हैं जबकि शरीर के हर खुले हिस्से पर इसे लगाना चाहिए। यदि आप लगातार धूप में रह रहे हैं तो कुछ देर के अंतराल पर क्रीम लगा लेनी चाहिए।बंद गाड़ी भी नहीं बचा पाएगी सन बर्न से जुड़ी एक भ्रांति यह है कि बंद कार में सफर करने से सूर्य की किरणों का प्रभाव कम होता है। हकीकत यह है कि बंद गाड़ियों में भी अल्‍ट्रा वायलेट किरणें प्रवेश करती हैं। यह जरूर है कि तब इसका प्रभाव 50 फीसदी कम हो जाता है।कुछ अन्‍य उपाय सन बर्न से बचाव के लिए क्रीम के अलावा कुछ अन्‍य बातों पर भी ध्यान देना चाहिए। सबसे पहले तो यह ध्यान रखें कि धूप में छाता जरूर इस्तेमाल करें। छाता भी फैशनेबल होने की बजाय ऐसे कपड़े का बना होना चाहिए जिसमें सूर्य की किरणें प्रवेश न कर सकें।कपड़े भी ठीक-ठाक पहनें दूसरी बात, गर्मियों में लोग ऐसे डिजाइनर कपड़े पहनते हैं

जिनकी बुनाई सघन नहीं होती। ऐसे कपड़ों से परहेज ही करें तो अच्छा है क्योंकि फैशन आपकी त्वचा पर भारी पड़ सकता है।बर्फ हर्गिज न लगाएं जहां तक इलाज का सवाल है तो सन बर्न होने की दशा में कभी भी त्वचा पर बर्फ का इस्तेमाल न करें। यह आम धारण है कि त्वचा के कटने जलने पर बर्फ का इस्तेमाल फायदेमंद होता है मगर सन बर्न के मामले में यह खतरनाक हो सकता है। यदि धूप में निकलने पर त्वचा पर लाल निशान या फफोले दिखें तो उस पर या तो ठंडा पानी डालें या फिर पानी से भीगा कपड़ा रखें।डॉक्‍टर बेहतर मददगार होंगे ज्यादा परेशानी होने की स्थिति में तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। सन बर्न की उपेक्षा कभी नहीं करनी चाहिए। कुछ मामलों में यह देखा गया है कि किसी व्यक्ति को बार-बार यह परेशानी हो रही है। ऐसा होने पर एक संभावना यह होती है कि शरीर की किसी और बीमारी के कारण यह परेशानी हो। इस स्थिति में डॉक्टर ही बीमारी से असली कारण का पता लगा सकता है।

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