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छोटी सी गोली का उपयोग कर निजात पाएं डैंड्रफ से, जानिए और फायदे

पेनकिलर या दिल के रोगियों को दी जाने वाली एस्प्रिन की छोटी सी गोली बहुत कमाल की होती है। इस एक गोली से बहुत से ऎसे काम आसान हो जाते हैं, जिनके बारे में आप सोच भी नहीं सकतीं।

स्विमिंग पूल के पानी में क्लोरिन की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जिससे बालों की चमक फीकी पड़ जाती है। आप चाहें तो एस्प्रिन की मदद से बालों की खोई हुई चमक पा सकती हैं। इसके लिए एक गिलास गरम पानी में एस्प्रिन की छह से आठ गोलियां डालें। अब इस पेस्ट को अपने बालों पर लगाएं। दस से पंद्रह मिनट बाद बालों को पानी से साफ कर लें।

अगर आपकी पसंदीदा सफेद ड्रेस पर कोई दाग लग गया है और आपको समझ में नहीं आ रहा है कि उस दाग को कैसे हटाया जाए तो आप एस्प्रिन की मदद लें। एस्प्रिन की दो गोलियों को पीस करके आधा कप गरम पानी में मिलाएं। अब दाग लगे हिस्से को गरम पानी और एस्प्रिन के घोल में दो से तीन घंटे डुबोकर रखें। उसके बाद साफ करें। दाग हट जाएगा।

मुंहासों की समस्या तो हर किसी को होती है। इससे निजात दिलाने में एस्प्रिन मदद कर सकती है। एक गोली को पीस लें। अब उसमें थोड़ा-सा पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बनाएं। अब इसे मुंहासों वाली जगह पर लगाएं। दो मिनट बाद पानी से इसे साफ कर लें। यह मुंहासे के साथ लालिमा भी खत्म करती है। जब तक मुंहासे खत्म नहीं हो जाते, आप इसे दोहरा सकती हैं।

अगर आपको डैंड्रफ की समस्या बहुत है तो एस्प्रिन इसमें लाभदायक है। एस्प्रिन की दो गोलियों को बारीक पीस लें। अब इसमें शैंपू की सामान्य मात्रा मिलाएं और फिर बालों में इसे लगा दें। पेस्ट लगाने के एक से दो मिनट बाद बालों को धो लें। उसके बाद बालों को फिर से शैंपू से धोएं। जब तक डैंड्रफ खत्म ना हो जाए, तब तक हर बार इसी तरह बाल धोएं।

कई बार खाना पकाते वक्त कच्चा अंडा कपड़ों पर गिर जाता है। अंडे का निशान बहुत मुश्किल से छूटता है। कपड़े पर से अंडे का दाग हटाने के लिए गरम पानी का इस्तेमाल न करें, इससे वह और जिद्दी हो जाएगा। थोड़े पानी में क्रीम ऑफ टार्टर और पिसी हुई एस्प्रिन को मिलाएं। इस पेस्ट को दाग वाले हिस्से पर लगाएं और तीस मिनट ऎसे ही लगा रहने दें। उसके बाद हल्का-सा रगड़ें और फिर गुनगुने या गर्म पानी से कपड़े को साफ करें। दाग चला जाएगा।

कई बार मच्छर काटने पर त्वचा पर खुजली, ललाई और चकत्ते आ जाते हैं। ऎसे में आप एस्प्रिन की गोली को पीस कर उसे हल्का सा गीला करके प्रभावित हिस्से पर रगड़ें। कई बार मधुमक्खी के काटने पर लोगों को बहुत ज्यादा खुजली, चकत्ते और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं हो जाती हैं। ऎसे में डॉक्टर की सलाह से एस्प्रिन लेने से फायदा हो सकता है।

गुलदस्ते में रखे फूलों को तरो-ताजा बनाए रखने के लिए गुलदस्ते के पानी में एस्प्रिन की कुछ गोलियों को अच्छी तरह पीस कर डालें, उसके बाद फूलों को डंठल सहित गुलदस्ते में डालें। इससे फूल लंबे समय तक तरो-ताजा बने रहते हैं। यह जरूर याद रखें कि कुछ दिनों के अंतराल पर गुलदस्ते का पानी जरूर बदलती रहें और नई गोली पीस कर डालती रहें।

बगीचे के मिट्टी के लिए एस्प्रिन लाभकारी होती है, पर याद रखें कि मिट्टी या पौधों के आस-पास एस्प्रिन डालते वक्त उसकी संतुलित मात्रा का इस्तेमाल करें, क्योंकि ज्यादा मात्रा में डालने से पौधों की जड़ें जलने का डर रहता है। ज्यादा मात्रा में एस्प्रिन डालने से बगीचे की घास भी जल सकती हैं।

कम से कम दस फीसदी लोगों को एस्प्रिन की वजह से एलर्जी या अस्थमा की शिकायत होती है। हालांकि एस्प्रिन में इस्तेमाल होने वाले सेलिसाइलिक एसिड का उपयोग जुकाम की दवाओं, फलों, फूड सीजनिंग में किया जाता है। जिन लोगों को अस्थमा की पुरानी बीमारी है, उनमें एस्प्रिन के प्रति संवेदनशीलता 30 से 40 फीसदी तक बढ़ जाती है। यहां तक कि जिन लोगों को अस्थमा की शिकायत नहीं होती, उनमें भी एस्प्रिन के प्रति संवेदनशीलता देखी गई है। इसके अलावा ऎसे लोग, जिन्हें अल्सर आदि की समस्या होती है, वे भी इसके प्रति संवेदनशील होते है। न केवल एस्प्रिन, बल्कि कोई भी दवाई लेते वक्त डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है। अगर आपको एस्प्रिन से एलर्जी है तो त्वचा पर भी इसका इस्तेमाल न करें।

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