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“शोले” फिल्म में हुई थी ये गलतियां

भारतीय सिनेमा के इतिहास में अमिताभ बच्चन और धमेन्द्र स्टारर फिल्म “शोले” माइलस्टोन के नाम से शुमार है जिसे आज भी लोग देखना पसंद करते हैं। फिल्म के किरदार जय-वीरू और बसंती आज भी लोगों के जहन में उसी तरह हैं। टीवी पर आज भी लोग शोले देखकर उसी तरह रोमांचित हो जाते है जिस तरह 43 साल पहले सिनेमाघरों में लोग दीवाना हुआ करते थे, लेकिन क्या आपको पता है कि जिस फिल्म को आप कई बार देख चुके हैं उसमें कई ऎसी गलतियां है जिसे आपने अनदेखा कर दिया तो आइए जानते हैं फिल्म शोले में हुए ऎसे 10 गोलमाल के किस्से………..

फिल्म की कहानी में ठाकुर का किरदार तो आपको जरूर याद होगा। जी हां हम बात कर रहे हैं उस सीन की जब ठाकुर के आदेश पर खूंखार डाकू गब्बर सिंह को पकड़े जाता है तब दोनों का घोड़ा एक ही होता है। अब आप ही बताइए की दो जानी दुश्मन भला एक ही घोड़े पर सवारी क्यों करेंगे।

फिल्म में एक सीन के दौरान बसंती को मंदिर पैदल आते हुए दिखाया जाता है जब वह धमेंद्र से मिलती है, लेकिन वापस जाते समय बसंती टांगे में जाती है। अब सवाल यह उठता है कि ऎसा कैसे हो सकता है कि टांगा खुद बा खुद बसंती का पीछा करते हुए आ जाए।

शोले के एक सीन में डेड बॉडी को सोते हुए दिखाया गया है जो की कहानी की मांग थी, लेकिन डायरेक्टर साहब यह भूल गए की उस सीन में डेड बॉडी को सफेद कपड़े से ढकना भी था। आपने देखा की डेड बॉडी कोे बिना सफेद कपड़े के लिटाया गया था, लेकिन दूसरे सीन में सभी डेड बॉडी पर सफेद कपड़ा ढ़का हुआ था। उसी सीन में आगे बढ़ते ही आप देखेंगे की एक लाल साड़ी पहनी हुई औरत डेड बॉडी के पास खड़ी है जो अचानक अगले सीन में गायब हो जाती हैं।

फिल्म के एक सीक्वेंस में दीखाया गया है कि गांव का ब्रीज बसंती के टांगे के पार करते ही टूट जाता है, लेकिन जब डाकू उस ब्रीज पर आते हैं तो वह ठीक हो चुका होता है।

फिल्म में रामपूर गांव को दिखाया गया है जहां बिल्कुल भी बिजली नहीं है, लेकिन फिल्म के एक सीन में धमेंद्र को पानी के टंकी में खड़े होकर चिल्लाते हुए दिखाया गया है। अब सवाल यह उठता है कि उस टंकी में पानी कहां से चढ़ता था।

फिल्म की कहानी जैसे ही आगे बढ़ती है वैसे ही एक सीन आता है जब वीरू गब्बर के कब्जे में आ जाता है जहां उसे कैदी बना लिया जाता है। उस सीन में वीरू को पसीने से लतपत दिखाया गया है, लेकिन दूसरे ही सीन में उनका टीशर्ट बिल्कुल सुखा हुआ होता है। जबकी उस समय ना ही सीन में हवा चलती है ना ही बारिश होती है।

दूसरे सीन में जिस पोल पर वीरू को बंधे होते हैं वह पोल उस सीन से अचानक गायब हो जाता है जो एक बार फिल्म देखने से पता नहीं चलेगा, लेकिन जब आप फिल्म क ेउस सीन को रीपीट करके देखेंगे तो आपको पता चल जाएगा की सीन में कुछ गोलमाल किया गया है।

फिल्म की शुरूआत से अंत तक ठाकुर को बिना हाथ के दिखाया गया है, लेकिन फिल्म के अंत के सीन में जब ठाकुर गब्बर की पीटाई करता है उनका छिपा हुआ हाथ दिख जाता है। हालांकि यह महीन सी गलती है, लेकिन किसी ब्लॉकबस्टर फिल्म के लिए यह बड़ी गलती से कम नहीं। खैर अगली बार आप लैपटॉप या टीवी पर जब “शोले” देखें तो एक बार जरूर इन गलतियों पर नजर डाले।

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