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देखिए इन फिल्मों में हीरो से ज्यादा दम विलेन का रहा

बॉलीवुड फिल्मों में ऎसे तो एक्टर और खूबसूरत ऎक्ट्रेसेस (Bollywood) की भूमिका सबसे अहम होती है, लेकिन हम ऎसे शख्स की बात कर रहे हैं जिसके बिना फिल्म अधूरी है। जी हां, किसी भी कहानी में जब तक हिरो-हिरोइन के बीच कोई विलेन ना हो फिल्म पूरी नहीं लगती, क्योकि एक विलेन पूरे फिल्म का असल हिरो होता है जो 2 घंटे की फिल्म में 100 मिनट तक हिरो को मारता है यह अलग बात है कि आखिरी के 20 मिनट वह हिरो से मार खाता है। तो आइए आगे की स्लाइड में जानते हैं बॉलीवुड के ऎसे विलेन के बारे में जिन्होने फिल्म में हिरो से भी ज्यादा दर्शकों को इंटरटेन किया…

बॉलीवुड के विलेन की बात हो तो सबसे पहले हम शुरूआत करते हैं अमजद खान यानी “गब्बर” की। फिल्म “शोल” में एक्टर अमजद खान ने डाकू बनकर यह साबित कर दिया कि फिल्म में विलेन हिरो से कम नहीं होते। शोले में गब्बर का किरदार आज भी दर्शकों के दिलो दिमाग में है। “कितने आदमी थे”, “कौन से चक्की का आटा खाती हो” जैसे डायलॉग से अमजद काफी लोकप्रिय हुए। शोले के बाद अमजद ने भले ही कई साकारात्मक रोल किए हो, लेकिन बॉलीवुड में उनकी पहचान एक विलेन के रूप में ही होने लगी। दर्शक के दिलो दिमाग में भी अमजद की पहचान रामगढ़ के डाकू गब्बर के रूप में हो गई। आज भी लोग उनके लिए यहीं कहते हैं कि “जब 10-10 कोस दूर कोई बच्चा रोता है तो मां कहती है कि सो जा बेटा वरना गब्बर आ जाएगा”।

इस लिस्ट में अब नाम आता है “मुगेम्बो” यानी अमरीश पुरी का। साल 1954 में जब अमरिश पुरी ने बॉलीवुड में हिरो बनने के सपने से ऑडिशन दिया तब उन्हे निराशा हाथ लगी, लेकिन रिजेक्ट होने के बाद भी अमरीश पुरी ने हिम्मत नहीं हारी और बॉलीवुड में एक ऎसे शख्स के रूप में उभरे जिनके नाम से ही सब काप जाएं। बॉलीवुड में सबसे बड़े विलेन के रूप में जाने जाने वाले अमरीश पुरी का डायलॉग “मुगेम्बो खुश हुआ” आज भी दर्शकों के जुबान पर है। अनिल कपूर स्टारर फिल्म “मिस्टर इंडिया” में अगर मुगेम्बो के किरदार को यादगार बनाने वाले अमरीश पूरी ने बॉलीवुड में ज्यादातर निगेटिव रोल ही किए। हालांकि उन्होने “दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे”, “परदेश” जैसी फिल्मों में पॉजेटिव रोल किया लेकिन दर्शकों के लिए अमरीश हमेशा मिस्टर मुगेम्बो ही रहे।

एक्टर रंजीत ने अपने फिल्मी करियर की शुरूआत बहुत छोटे छोटे रोल से कि जिसके बाद उन्हे कई विलेन के ऑफर आए। बॉलीवुड में लगभग 200 फिल्मों में काम कर चुके एक्टर रंजीत ने जितने भी फिल्मों में काम किया उनमें से अधिकतर फिल्मों में उन्होनें रेपिस्ट का ही किरदार निभाया जिसमें वह हिरोइन को हेरास्ट करने की कोशिश करते हैं और हिरो आकर उनकी पिटाई करता है। खैर भले ही रंजीत फिल्मों में हिरो से मार खाए, लेकिन आप सोचिए कि अगर रंजीत जैसे कलाकार विलेन की भूमिका नहीं निभाते तो हिरो हिरोइन की लव स्टोरी की शुरूआत कैसे होेती।

बॉलीवुड के सबसे खूंखार विलेन में शुमार प्रेम चोपड़ा ने अपने लगभग 300 से अधिक फिल्मों में काम किया जिसमें से ज्यादातर फिल्मों में उन्होने विलेन का किरदार निभाया। प्रेम को फिल्मों में खासतौर से उनकी डायलॉग डिलेवरी के लिए जाना जाता हैं। सिनेमा के इतिहास में उनके ऎसे कई डायलॉग है जो आज भी लोगों की जुबान पर कायम है। बहुत कम लोग यह जानते हैं कि प्रेम चोपड़ा एकमात्र ऎसे कलाकार है जो कपूर खानदान के सभी पीढियों (पृथ्वीराज कपूर से लेकर करिश्मा कपूर) सभी के साथ फिल्म कर चुके हैं। फिल्म दुल्हे राजा के डायलॉग “नंगा नहाएगा क्या और निचोडेगा क्या” आज भी लोगों के जहन में है

अजीत बॉलीवुड में गंभीर और संजीदा विलेन के रूप में जाने जाते हैं। “नास्तिक”, “बड़ा भाई”, “मुगले आजम”, “नया दौर” जैसी सुपरहिट फिल्मो में अजीत ने विलेन का किरदार निभा कर अपने लिए एक अलग जगह बना ली। अजीत बॉलीवुड के ऎसे विलेन में से है जिनकी आवाज इतनी दमदार थी कि फिल्म में किसी और के तरफ दर्शकों का ध्यान ही नहीं जाता था।

हिन्दी सिनेमा के महान खलनायकों में से एक डैनी डेन्जोंगपा कांचा चीना के नाम से बॉलीवुड में मशहूर हुए। बख्तावर, खुदा गवाह जैसे किरदार पर्दे पर निभाकर डेनी विलेन के रूप में भी काफी लोकप्रिय हुए। खलनायिकी के लिए मशहूर डैनी ने अपनी डेब्यू फिल्म में भले ही पॉजिटिव किरदार से की हो, लेकिन साल 1973 में उन्होने बी आर चोपड़ा की फिल्म “धुंध” में पहली बार नेगेटिव कैरेक्टर प्ले किया जिसके बाद उन्होने बॉलीवुड में विलेन के रूप में अपनी पहचान बना ल।

शक्ति कपूर जितने गंभीर विलेन थे उतना ही उन्होंने कॉमेडी विलेन का भी किरदार निभाया है। शक्ति कपूर बॉलीवुड के ऎसे विलेन में से एक हैं जिन्होने कॉमेडी कर फिल्मों मे सबको डराया है। आमिर खान और सलमान खान स्टारर फिल्म “अंदाज अपना अपना” में मिस्टर गोगो का कैरेक्टर तो आपको याद ही होगा। जी हां मिस्टर गोगो का किरदार करने वाले नंन्दू यानी शक्ति ने फिल्मो में विलेन की परिभाषा बदल दी। जहां एक ओर प्राण, अजीत जैसे गंभीर और खतरनाक विलेन ने बॉलीवुड में दर्शकों को दीवाना बनाया वहीं दूसरी ओर अपने “आउउउउउउ..” वाले अंदाज से सबको इंटरटेन किया।

गुलशन ग्रोवर को बॉलीवुड में “बैड मैन” के नाम से जाना जाता है। गुलशन का नाम आते ही दर्शकों के जूबान पर विलेन का नाम आ जाता है। बॉलीवुड स्टार जहां से गुजरते वहां लोग पागलों की तरह उनकी झलक पाने के लिए पीछे दौड़ जाते, लेकिन गुलशन के विलेन किरदार के कारण दर्शक उन्हे आज भी बैड मैन ही बुलाता है। फिल्मों में विलेन का किरदार निभाने वाले गुलशन भले ही निगेटिव किरदार की भूमिका निभात हो, लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि वह असल जिन्दगी में बेहद नरम स्वभाव के हैं।

जीवन बॉलीवुड के ऎतिहासिक विलेन में से एक है जिनकी फिल्मों में उनका रोल कितना भी छोटा हो, लेकिन अपने दमदार एक्टिंग से वह फिल्म के हिरो को भी पीछा छोड़ दिया करते थे। नारद मुनी के किरदार से लोकप्रिय हुए जीवन ने 60 से लेकर 80 के दशक तक फिल्मों में विलेल का रोल प्ले किया। साथ ही उन्होने महाभारत फिल्म में सकुनी का भी रोल प्ले किया जो महाभारत की कहानी का सबसे बड़ा विलेन था।

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