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पद्मावती को लेकर सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने दिया विवादित बयान

ऐसा लगता है कि विवाद संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती का पीछा छोड़ने को ही तैयार नहीं हैं। पहले जयपुर में संजय लीला भंसाली के साथ फिल्म के सेट पर मारपीट हुई, अब भारतीय सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने विवादास्पद बयान देकर नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। जिस दिन से जयपुर में राजपूत समाज के कुछ लोगों ने भंसाली के साथ मारपीट की है, तब से ही विवादित बयानों की झड़ी लगी हुई है।

निहलानी ने भंसाली पर हुए हमले का विरोध करते हुए पद्मावती के इतिहास पर ही सवाल उठा दिए हैं। शनिवार रात पहलाज जयपुर में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान मीडिया से उन्होंने कहा— ये जो शोर हो रहा है, फिल्म का विरोध हो रहा है, कौन है जो जांचेगा कि पद्माव​ती इतिहास में है। इतिहास किसने लिखा? कौन जानता है उसे? इतिहास लिखने वाले आज दुनिया में नहीं है, ये कौन जांचेगा?

Padmavati Director 

वे यहीं नहीं रुके उन्होंने फिल्म का विरोध करने वालों को घमंडी तक करार दे दिया। उन्होंने कहा — अतिभि देवो भव: कहने वाले राजस्थान में अगर लोग प्रोड्यूसर और डायरेक्टर के साथ ऐसे हाथापाई करेंगे तो इससे राजस्थान की इमेज खराब हो जाएगी। यहां के लोग बिना तथ्यों को जाने बिना स्क्रिप्ट पढ़े ही बवाल मचा देते हैं। मुझे भी रातों रात भागना पड़ा था।

अपने साथ हुए एक किस्से को याद करते हुए उन्होंने कहा — मुझे याद है 2002 में मेरी फिल्म तलाश की शूटिंग के समय भी यहां लोगों ने पत्थरों से हमला किया था। हमारी यूनिट नाइट में कुछ सीन शूट कर रही थी, तभी हम पर हमला हुआ। हमें रातों रात भागना पड़ा। इतिहास के साथ छेड़छाड़ या आपत्तिजनक सीन होने पर सेंसर बोर्ड खुद ऐसी फिल्मों को पास नहीं करेगा।