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बायोफिजिक्स में कॅरियर के हैं कई अवसर

बायोफिजिक्स साइंस के क्षेत्र में बढ़ते कॅरियर के अवसर छात्रों के लिए आकर्षण का केंद्र बनते जा रहे हैं। यह क्षेत्र आधारभूत मेडिकल साइंस से अलग और चैलेंजिग फील्ड के समान है। साइंस विषय से पास अभ्यर्थी इस क्षेत्र में पढ़ाई कर सकता है। जानते हैं इस क्षेत्र से जुड़ी जानकारी के बारे में जो कॅरियर की सोच को और मजबूत बनाने में मददगार हो सकती है-

कोर्स

भौतिकी के अध्ययन के लिए बायोफिजिक्स काफी मददगार क्षेत्र है जो फिजिक्स और बायोलॉजी के बीच में एक अहम भूमिका निभाता है। इसके अंतर्गत मोलीक्यूलर बायोफिजिक्स, फिजियोलॉजिकल बायोफिजिक्स, मेडिकल फिजिक्स, न्यूक्लियर मेडिसिन, जीन-प्रोटीन इंजीनियरिंग, बायो इंफॉर्मेटिक्स आदि का अध्ययन होता है, जिनके विकास से मेडिसिन और मेडिकल तकनीक के विकास को दिशा मिलती है। इस क्षेत्र में जैविक स्तर पर कैंसर जैसी असाध्य बीमारियों सहित कई अन्य रोगों से जुड़े अध्ययनों में मदद मिलती है। मोलीक्यूलर, बायोफिजिक्स का ही हिस्सा है जिसमें अणु के व्यवहार का प्रतिरूप तैयार किया जाता है।

इसके खास क्षेत्र

बायोफिजिक्स पांच प्रमुख क्षेत्रों में काम करता है। इनमें निम्न क्षेत्र शामिल हैं-

मोलीक्यूलर बायोफिजिक्स: विज्ञान की इस शाखा में मोलीक्यूल्स और पार्टिकल्स से जुड़े तथ्यों पर अध्ययन किया जाता है।

रेडिएशन बायोफिजिक्स: इस फील्ड में ऑर्गेनिज्म (जीवाणु) पर रेडिएशन जैसे- अल्फा, बीटा, गामा, एक्सरे और अल्ट्रा वायलेट लाइट का क्या असर होता है, इस तथ्य पर स्टडी की जाती है।

साइकोलॉजिकल बायोफिजिक्स: इसमें फिजिकल मेकेनिज्म द्वारा लिविंग ऑर्गेनिज्म के व्यवहार, प्रकृति और क्रिया के बारे में अध्ययन किया जाता है।

मैथेमैटिकल और थ्योरेटिकल बायोफिजिक्स: विज्ञान के इस क्षेत्र में मैथेमैटिकल और फिजिक्स के थ्योरी के आधार पर लिविंग ऑर्गेनिज्म के व्यवहार, प्रक्रिया और क्रिया के बारे में पढ़ाई की जाती है।

मेडिकल बायोफिजिक्स: इसके अंतर्गत मेडिकल एप्लिकेशन विषय में बायोलॉजिकल प्रोसेस के प्रभाव को जानने के लिए फिजिक्स की तकनीकों और प्रयोगों का इस्तेमाल होता है।

योग्यता

अभ्यर्थी के पास अंडरग्रेजुएट लेवल पर फिजिक्स, कैमिस्ट्री और बायोलॉजी विषय होने अनिवार्य हैं। बायोफिजिसिस्ट बनने के लिए ह्यूमन बायोलॉजी में बीएससी ऑनर्स और अन्य संबंधित विषयों में बैचलर्स किया होना आवश्यक है।

यहां से लें शिक्षा

ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स), नई दिल्ली
महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी, फैकल्टी ऑफ एप्लाइड साइंस, कोट्यम, केरेला
यूनिवर्सिटी ऑफ कल्यानी, नाडिया, पश्चिम बंगाल
मणिपुर यूनिवर्सिटी, मणिपुर
पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़
यूनिवर्सिटी ऑफ मद्रास, चेन्नई
यूनिवर्सिटी ऑफ मुंबई, मुंबई
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, यूपी

इन पदों पर कार्य

फिजिक्स और बायोलॉजी क्षेत्र में दिलचस्पी रखने वाले स्टूडेंट्स बायोफिजिक्स में कॅरियर बना सकते हैं। इसमें ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट की तुलना में पीएचडी करने वाले स्टूडेंट्स के लिए काफी संभावनाएं हैं। बायोफिजिसिस्ट बायोफिजिक्स रिसर्चर और साइंटिस्ट के रूप में गवर्नमेंट ऑर्गेनाइजेशन में जॉब पा सकते हैं। साथ ही, इस क्षेत्र से संबंधित कंपनियों में भी जॉब के कई अवसर पा सकते हैं।

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