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अब स्कूली बच्चों को भी देनी पड़ेगी OMR सीट पर परीक्षा, जानिए क्यों ?

Examination of 8th,9th and 11th class will be on OMR sheet in Jharkhand

अभी तक आपने OMR (ऑप्टिकल मार्क रिकोग्नेशन) सीट का इस्तेमाल कॉम्पीटिशन एग्जाम्स में ही होते देखा होगा। लेकिन अब स्कूली परीक्षाओं के दौरान इनका उपयोग होता नजर आएगा। झारखंड राज्य ने 8वीं, 9वीं और 11वीं की परीक्षा ओएमआर सीट पर करवाने का फैसला किया है। इतना ही नहीं नेशनल एचिवमेंट सर्वे (एनएएस) के पैटर्न पर होने वाली यह परीक्षा अब अपने होम सेंटर (स्कूलों में ही) की बजाय दूसरे स्कूलों में आयोजित करवाई जाएंगी।

मैट्रिक और इंटरमीडिएट के परीक्षा केंद्र निर्धारित कर उसी में फरवरी 2019 तक यह परीक्षा ली जायेगी। इस बाबत स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) को निर्देश जारी कर दिए है। आपको बता दें स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह ने जैक के अध्यक्ष डॉ अरविंद प्रसाद सिंह को निर्देश दिया है कि आठवीं, नौंवी और 11वीं की परीक्षा ओएमआर सीट पर आयोजित करें, ताकि प्रश्न पत्र लीक होने की संभावना कम हो सके। वस्तुनिष्ठ (ऑब्जेक्टिव) प्रश्नों पर आधारित ये परीक्षाएं उन केन्द्रों पर आयोजित होंगी जहां 2019 की मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षा होने वाली है। इसके लिए विभाग को नवंबर-दिसंबर तक परीक्षा केंद्रों का निर्धारण, सीसीटीवी कैमरा लगाने संबंधी कार्रवाई पूरी करनी होगी।

शिक्षा विभाग ने कहा कि परीक्षा में घटिया काम, गलती करने वाले वीक्षक, परीक्षक और सुपरवाइजर को ब्लैक लिस्टेड किया जायेगा और उनके नाम पोर्टल पर जारी किए जाएंगे। साथ ही ऐसा काम करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रशासन को प्रस्ताव भेजना होगा। आयोग ने इन परीक्षाओं के परिणाम मैट्रिक-इंटरमीडिएट परीक्षाओं के रिजल्ट के साथ ही जारी करने को कहा है। रिजल्ट जारी करने का लास्ट समय मई 2019 तक है।

शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षा के साथ-साथ उसकी उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन की व्यवस्था करने का निर्देश झारखंड बोर्ड को दिया है। उन्होंने कहा कि पूरी परीक्षा खत्म होने के बाद मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू नहीं की जाये। ऐसे विषय जिनमें परीक्षक कम हैं, उसकी परीक्षा पहले आयोजित की जाए और जैक में ही केंद्रीयकृत मूल्यांकन केंद्र बनाकर उस विषय की परीक्षा खत्म होने के बाद कॉपियों का मूल्यांकन शुरू कर दिया जाए। अमरेंद्र प्रताप सिंह ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट के साथ ही मदरसा और संस्कृत बोर्ड की भी परीक्षा लेने के निर्देश दिए हैं।


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