शेयर बाजार : आरबीआई के फैसले, आर्थिक आंकड़ों पर होगी नजर

बीते सप्ताह के आखिरी सत्रों में अंतरिम बजट की घोषणाओं से बाजार में तेजी का रुख बना रहा, लेकिन इस बजटीय प्रावधानों को समझने के बाद इस सप्ताह इस बाजार की प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा की बैठक के नतीजों, घरेलू व विदेशी आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक बाजार से मिलने वाले संकेतों से भारतीय बाजार की दिशा तय होगी। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम में उतार-चढ़ाव, डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल का भी भारतीय शेयर बाजार पर असर देखने को मिलेगा। साथ ही, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होगी। 

वित्त वर्ष 2018-19 में आरबीआई की छठी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक 5-7 फरवरी को होने जा रही है। आरबीआई की मौद्रिक समिति (एमपीसी) अपनी बैठक के नतीजों की घोषणा सात फरवरी को करेगी। इससे पहले की मौद्रिक समीक्षा बैठक में केंद्रीय बैंक ने बेंचमार्क ब्याज दर यानी रेपो रेट 6.5 फीसदी पर स्थिर रखी थी और रिवर्स रेपो रेट 6.25 फीसदी पर यथावत रखी गई थी। 

इसके अलावा, जनवरी महीने के लिए निक्की इंडिया सर्विसिस पीएमआई के आंकड़े मंगलवार को घोषित होने की संभावना है। इससे पहले दिसंबर में निक्की इंडिया सर्विसिस पीएमआई घटकर 53.2 पर आ गया था, जबकि नवंबर में निक्की इंडिया सर्विसिस पीएमआई चार महीने के उच्चतम स्तर 53.7 पर था। 

उधर, अमेरिका में जनवरी माह के लिए आईएसएम नॉन-मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई का डेटा भी मंगलवार को जारी हो सकता है। अमेरिका में दिसंबर में आईएसएम नॉन-मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 58 पर दर्ज किया गया था। 

अमेरिका में नवंबर महीने में व्यापार संतुलन आंकड़ा इसके एक दिन बाद बुधवार को जारी किया जा सकता है। अमेरिका में व्यापार घाटा अक्टूबर में बढ़कर 55.5 अरब डॉलर हो गया था, जोकि उससे पूर्व के महीने में 54.6 अरब डॉलर था। इन आंकड़ों का प्रभाव वैश्विक बाजार पर देखने को मिल सकता है।

वहीं, बैंक ऑफ इंग्लैंड (बीओई) गुरुवार को ब्याज दर को लेकर फैसला ले सकता है। 

अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव दूर करने के मद्देनजर दोनों देशों द्वारा किए जा रहे प्रयासों का प्रभाव विदेशी बाजार पर देखने को मिलेगा, जिससे भारतीय शेयर बाजार को भी दिशा मिलेगी। 

केंद्रीय वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को पेश किए गए बजट में दो हेक्टेयर तक की जोत वाले किसानों के लिए 6,000 रुपये सालाना डायरेक्ट इनकम सपोर्ट और पांच लाख रुपये तक की आय वालों को आयकर में पूरी छूट देने की घोषणा की। 

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