नई दिल्ली:  दुनिया में महंगी चीजों की भरमार है, और उसके चाहने वाले की भी कमी नहीं है। वही शराब के मामले में एक ऐसा ब्रैंड जो इतना महंगा है जिसके बारे में लोग जानते ही दांतों तले ऊँगली दबा लेते हैं। जी हाँ, हम यहाँ पर बात कर रहे हैं। जापानी व्हिस्की यामाज़ाकी-55 के बारे में। आखिर येजापानी व्हिस्की यामाज़ाकी-55 इतना महंगा क्यों है कि इसके पीछे क्या वजह है कि इस खबर में आपको बताते हैं।

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आप को बता दें कि दुनिया के सबसे महंगे आर्टवर्क, जूलरी और लग्जरी आइटम्स की नीलामी करने वाली कंपनी सूदबाईज़ (Sotheby’s) की वेबसाइट के मुताबिक, एक नीलामी में यामाज़ाकी की 750 एमएल बोतल की अधिकतम बोली 780,000 डॉलर यानी करीब साढ़े 6 करोड़ रुपये लगाई गई। जिससे लोग जानतें चौंक गए है।

इस व्हिस्की को बनने में लगता है 55 साल से ज्यादा का समय

बता दें कि इस दुर्लभ किस्म की व्हिस्की को खरीदने के लिए लोग बोलियां लगाते हैं और ज्यादा से ज्यादा कीमत देकर इसे हासिल करना चाहते हैं। जापानी व्हिस्की यामाज़ाकी-55 की। इसके नाम में जुड़े 55 का अर्थ है कि इसे तैयार करने में 55 साल या उससे ज्यादा वक्त लगा है।

 लॉटरी सिस्टम में लगी सिर्फ 100 बोतलें 

वही मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस व्हिस्की की रिटेल बेस प्राइस 60000 डॉलर यानी करीब 49 लाख रुपये के करीब बताई जा रही है। बता दें कि इस व्हिस्की को बनाने वाली कंपनी का नाम  बीम संटोरी (Beam Suntory) है। 2020 में यह व्हिस्की पहली बार लॉन्च की गई। उस वक्त इसकी सिर्फ 100 बोतलें ही लॉटरी सिस्टम के जरिए जापानी बाजार में उपलब्ध कराई गईं।

200 साल पुराने पेड़ की लकड़ी से बनती है ये  व्हिस्की

यामाज़ाकी-55 को भी एक खास तरह के पीपे (Cask) में स्टोर करके रखा जाता है, जिसे मिज़ुनारा कास्क (Mizunara Casks) कहते हैं। इसे मिज़ुनारा पेड़ की लकड़ी से बनाया जाता है। यह लकड़ी बहुत ही दुर्लभ है। जानकार  कहते हैं कि मिज़ुनारा कास्क बनाने के लिए जरूरी है कि पेड़ कम से कम 200 साल पुराना हो।


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