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आसान हुआ इनकम टैक्स भरना, जानिए खास बातें

नए आयकर फार्म की सबसे बड़ी और अच्छी बात है कि अब ये केवल 3 पन्नों का फार्म रह गया है। अब तक आयकर फार्म में कुल 14 पन्ने हुआ करते थे। अब आईटीआर 2, आईटीआर 2ए आयकर फार्म 3 पन्नों में समेट दिए गए हैं। इसका सीधा मतलब है कि अब सीधी और सरल जानकारी ही आपको भरनी है।

नए नियमों के मुताबिक जिस व्यक्ति को बिजनेस/प्रोफेशन से, विदेश में सम्पत्ति/विदेश से आय और पूंजीगत लाभ नहीं मिल रहे हैं, वे आयकर फार्म आईटीआर-2ए भर सकते हैं। हालांकि अगर आपने साल में सम्पत्ति का बेचान किया है, तो आपको पुराना वाला फार्म आईटीआर 2 ही भरना है।

नए आयकर फार्म में आपको पासपोर्ट नंबर देना है। हालांकि अब आपको विदेश यात्रा और इससे जुड़े खर्च का ब्यौरा नहीं भरना होगा। सरकार का मानना है कि ज्यादातर लोग इसी कारण आयकर नहीं भरते हैं कि उनकी विदेश यात्राओं पर होने वाले खर्च का खुलासा उन्हें मुसीबत में डाल सकता है। दूसरी ओर यह भी माना जा रहा है कि आपके द्वारा पासपोर्ट नंबर भरने पर सरकार खुद आपकी विदेश यात्राओं के खर्च का ब्यौरा निकाल लेगी।

नए आयकर फार्म में आपको अपने सभी बैंक खातों की जानकारी देनी होगी। हालांकि आपके अलग-अलग बैंक खातों में कितनी राशि जमा है, इसका ब्यौरा नहीं मांगा जाएगा। बैंक की जानकारी में आपको आईएफसी कोड, खाता संख्या और खाते के प्रकार की डिटेल भरनी होगी। हालांकि अब ऐसे खातों के बारे में आपको आयकर फार्म में जानकारी नहीं देनी होगी जो ऑपरेशनल नहीं हैं। पूर्व में आपको अपने बंद पड़े खातों की भी जानकारी देनी होती थी।

जिन लोगों को किसी भी सीमा तक आयकर से छूट प्राप्त है उन्हेें सहज फार्म भरना है। किसी भी आय सीमा तक छूट वाले मामलों में कृषि आय, ब्याज वाली आय और दीर्घावधि वाले पूंजीगत लाभ हैं। अगर किसी आयकरदाता ने एक साल में डिवीडेंट अथवा टैक्स-फ्री बॉंड से 5000 रुपए से ज्यादा की आय प्राप्त की है, तो उसे आईटीआर-1 फार्म भरना है। इस प्रकार की आय अगर दीर्घावधि कैपीटल गैन, कृषि और ब्याज से भी है, तो उसे आईटीआर-1 फार्म ही भरना है।

ऐसे आयकर दाता जो भारतीय नागरिक नहीं हैं, उन्हें भारत में जॉब करने या स्टूडेंट वीजा पर आने पर आयकर से छूट दी गई है। इस दौरान विदेशी नागरिक से भारत आने से पहले की आय के बारे मेें बताने पर राहत दी गई है।

अगर आपने अपना आयकर ऑनलाइन भरा है और उसमें अपना आधार कार्ड नंबर भी बताया है तो आपको इस फार्म को आयकर के बैंगलोर कार्यालय में भेजने की आवश्यकता नहीं है। इससे पहले ऑनलाइन आयकर भरने वालों को भरा हुआ फार्म प्रिंट कर हस्ताक्षर समेत बंगलौर भेजना होता था। अब सरकार नया सिस्टम बना रही है जिसमें आपके आधार कार्ड से ही आपके आयकर भरने की जानकारी ले ली जाएगी।

अगर आपको टैक्स के रूप में काट लिया गया पैसा वापस चाहिए तो ई-फिलिंग करना ही होगा। पूर्व में केवल उन्हें ही ई-फिलिंग करनी होती थी जिनकी कर योग्य आय 5 लाख या इससे ज्यादा थी। हालांकि 80 साल की उम्र्र से ज्यादा के वरिष्ठ नागरिक आयकर के दायरे मेंं आने के बाद भी ई-फिलिंग नहीं करें तो चलेगा।

जॉब कर रहे लोगों को आयकर भरने के लिए सबसे पहले फार्म 16 की जरूरत होती है जो आपको अपने नियोक्ता से मिलता है। इस फार्म में आपकी आय से काटा गया टीडीएस और अन्य वह जानकारी होती है जिसकी आपको ऑनलाइन आयकर फार्म भरने के लिए जरूरत होती है।

आयकर विभाग ने 2015-16 के लिए आयकर फार्म भरने वालों के लिए ऑनलाइन टैक्स कैलकुलैटर लांच किया है। इस ऑनलाइन कैलकुलैटर से आप 2015-16 की कर योग्य आय की जानकारी तुरंत ले सकते हैं। इस कैलकुलैटर में आपको वित्त वर्ष, टैक्स चुकाने वाले की कैटेगरी, निवास का स्टेटेस, जेंडर और कुल आय की जानकारी देनी होती है। ऑनलाइन कैलकुलैटर आपको लगने वाले कर, सरचार्ज, एजेकुशन सैस, सैकेण्डरी एंड हायर एजुकेशन सैस सहित कुल कर अदायगी की रकम दिखा देता है।

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