लाखों कर्मचारियों की आ गई मौज! EPFO में अपडेट के बाद बंपर मिलेगा लाभ, जानिए कैसे - Times Bull

लाखों कर्मचारियों की आ गई मौज! EPFO में अपडेट के बाद बंपर मिलेगा लाभ, जानिए कैसे

Sweta Mitra
Sweta Mitra
July 2, 2024

नई दिल्ली:केंद्र सरकार ने कर्मचारी पेंशन योजना में हाल ही में एक बड़ा अपडेट किया है। जिसके तहत आप निजी प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लगभग 23 लाख कर्मचारियों पर सीधे तौर पर असर पड़ने वाला है। आपको बता दें कि कर्मचारी पेंशन योजना यानी किईपीएस के तहत सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। हाल अपडेट में सरकार ने 6 महीने में कम समय में अंशदान किए वाले कर्मचारियों पेंशन स्कीम में निकासी करने का अपडेट जारी कर दिया है।

आप को बता दें कि केंद्र सरकार ने कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस- 1995) में बड़ा बदलाव कर लाखों लोगों के लिए फायदे का काम किया है। अब यहां पर  छह महीने से कम समय की अंशदायी सेवा वाले कर्मचारी भी पेंशन फंड (EPS) से निकासी कर सकेंगे। सरकार के जारी किए गए डाटा के अनुसार इस लाभ निजी क्षेत्रों में काम करने वाले लगभग 23 लाख कर्मचारियों पर होने वाला है।

हो गया ये जरुरी अपडेट

खबरों में सामने आया हैं, कि हर साल पेंशन योजना-95 के लाखों कर्मचारी सदस्य पेंशन के लिए यहां पर बनाए गए जरुरी 10 वर्ष की अंशदायी सेवा देने से पहले ही योजना छोड़ देते हैं। हालांकि यहां पर इनकों ईपीएफओ ने ऐसे सदस्यों को योजना के प्रावधानों के अनुसार निकासी का लाभ मिलता था,  ईपीएफओ सदस्य छह महीने या उससे अधिक समय तक अंशदायी सेवा पूरी करने के बाद ही निकासी लाभ के हकदार थे।

अब होगा 7 लाख से अधिक सदस्यों को लाभ

तो वही जिससे अब सरकार के इस अपडेट के बाद में  प्रत्येक वर्ष EPS के 7 लाख से अधिक ऐसे सदस्यों को लाभ प्राप्त होगा, जो 6 महीने से कम अंशदायी सेवा के बाद योजना छोड़ देते हैं।

जानिए क्या है ईपीएस

कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) को श्रम और रोजगार मंत्रालय के तहत कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा संचालित किया जाता है। जिसे संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए 1995 में शुरू किया गया तो वही यहां पर कर्मचारी भविष्य निधि योजना के लिए पात्र कर्मचारी पेंशन योजना के लिए भी पात्र हैं। ध्यान देने वाली बात यह हैं कि यहां पर इक खाते में नियोक्ता और कर्मचारी दोनों इस निधि में योगदान करते हैं, जिसे  इस योजना के तहत पेंशन शुरू करने के लिए न्यूनतम 10 वर्ष की अंशदायी सेवा जरुरी है।