Government has eased two rules related to your bike, you will be directly affected

नई दिल्ली। आने वाला दौर स्वच्छ ईंधन से चलित वाहनों का है, और इसमें ईवी का भी खास रोल है। ऐसे सरकारें ऐसे वाहनों के परिचालन के लिए पॉलसी पेश कर रही हैं। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कहा कि उसने बैटरी और मेथनॉल तथा एथनॉल से चलने वाले वाहनों के परिचालन को सुगम बनाने के लिये दो योजनाओं को संशोधित किया है।

मंत्रालय ने पांच अगस्त को जारी अधिसूचना में कहा कि ‘रेंट ए कैब स्कीम’, 1989 और ‘रेंट ए मोटरसाइकिल स्कीम’ में संशोधन किये गये हैं। इन वाहनों को परमिट की आवश्यकता से छूट के कारण मंत्रालय को दो योजनाओं को लागू करने को लेकर कुछ राज्यों की तरफ से प्रतिवेदन मिले थे। इससे पहले, मंत्रालय ने ‘रेंट ए कैब’ और ‘रेंट ए मोटरसाइकिल’ योजना के लिये दिशानिर्देश जारी किये थे।

नहीं होगी इन वाहनों को परमिट लेने की आवश्‍यकता?

अब इन वाहनों को परमिट लेने की आवश्‍यकता नहीं होगी। ये वाहन बगैर परमिट किसी भी तरह इस्‍तेमाल किया जा सकेगा यानी कानूनी तौर पर इन वाहनों को कमर्शियल इस्‍तेमाल किया जा सकेगा। मंत्रालय के इस फैसले से टूरिज्‍म इंडस्‍ट्री को भी राहत होगी।

ईवी के परमिट पर मिली छूट

सड़क परिवहन मंत्रालय ने बैटरी, मेथनॉल और एथेनॉल से चलने वाले दो पहिया वाहनों को पर‍मिट की आवश्‍कता से मुक्‍त कर दिया है। हालांकि, मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक वाहनों को परमिट से छूट दे रखी थी, लेकिन आदेश में दोपहिया वाहनों के लिए स्‍पष्‍ट निर्देश नहीं थे।

दोपहिया वाहन ट्रांसपोर्टर इन वाहनों को किराये पर कानूनी रूप में नहीं दे पा रहा था। मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार कानूनी रूप में बगैर परमिट के दोपहिया वाहनों का इस्‍तेमाल किया जा सकेगा। इससे सबसे बड़ा फायदा किराये पर देने वाले दोपहिया वाहन ट्रांसपोर्टरों को होगा।

सड़क परिवहन मंत्रालय के इस फैसले से दोपहिया वाहनों को राहत होगी और टूरिस्‍ट इंडस्‍ट्री (Tourism Industry) से जुड़े लोगों को फायदा होगा। बता दें कि गोवा व अन्‍य टूरिज्‍म प्‍लेस में दोपहिया वाहन किराये पर दिए जाते थे।

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