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उच्च कर से लक्जरी कार बाजार का विकास प्रभावित : जेएलआर

जगुआर लैंड रोवर इंडिया का कहना है कि देश में लक्जरी कारों पर कर की दरें काफी अधिक है, जिससे भारतीय लक्जरी कार बाजार की वृद्धि की संभावना सीमित हो सकती है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने शनिवार को यह बातें कही।

जगुआर लैंड रोवर इंडिया लि. (जेएलआरआईएल) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक रोहित सूरी ने कहा, ‘‘हमने साल 2017 में जगुआर और लैंड रोवर कारों की कुल 3,954 इकाइयों की बिक्री की, जोकि पिछले साल (2016) की तुलना में 49 फीसदी की वृद्धि दर है।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या लग्जरी कार बाजार की वृद्धि दर इस साल 2017 से अधिक होगी। उन्होंने कहा, ‘‘पता नहीं, पिछले साल अच्छी वृद्धि दर्ज की गई थी। मुझे नहीं लगता कि इस साल इतनी (49 फीसदी) वृद्धि होगी।’’

हालांकि लक्जरी कार उद्योग को 2018 में पिछले साल की वृद्धि दर को देखते हुए दोहरे अंकों की वृद्धि दर उम्मीद है। सूरी ने कहा कि जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) में सीमा शुल्क और उच्च कर लगाने से उद्योग की वृद्धि दर ‘एक अंकों या निम्न दो अंकों’ में रहने की संभावना है।

उन्होंने कहा, ‘‘जीएसटी में इन कारों पर 43 फीसदी कर लगाया है और सभी कर मिलाकर एसयूवी के लिए 50 फीसदी और सेडान के लिए 48 फीसदी हो जाता है। यह बहुत अधिक है, इससे बाजार का विकास बाधित होता है।’’

उन्होंने कहा कि बजट में प्रस्तावित सीमा शुल्क में वृद्धि से बाजार का विकास और अधिक बाधित होगा।

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